विजेंद्र गुप्ता-अरविंद केजरीवाल
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भाजपा ने दिल्ली सरकार के डेंगू नियंत्रण, प्याज की कीमत और प्रदूषण नियंत्रण के दावे को खारिज किया है। भाजपा का कहना है कि इन तीनों मुद्दे पर सरकार बड़े-बड़े दावे तो कर रही है, लेकिन हकीकत यह है कि डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ी है और सस्ती दरों पर दिल्ली वालों को प्याज नहीं मिल रही है। प्रदूषण नियंत्रण में भी सरकार बुरी तरह विफल साबित हुई है।
विधानसभा नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के डेंगू को लेकर सभी दावे खोखले साबित हुए हैं। डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया ने दिल्ली में पांव पसार लिए हैं। दक्षिणी दिल्ली एमसीडी के आंकड़ों के आधार पर कहा कि इस हफ्ते डेंगू के 111 नये मामले सामने आए। पूरे साल में डेंगू के 467 मामले आ चुके हैं। इस सप्ताह मलेरिया के भी 40 मामले आए हैं। चिकनगुनिया के इस साल अब तक 118 मामले सामने आए तो इस सप्ताह 21 मामले आए।
गुप्ता ने निशाना साधते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल प्रदूषण के बढ़ते स्तर का सारा ठीकरा पड़ोसी राज्यों में जलाई जा रही पराली पर फोड़कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं, जबकि पिछले साल की अपेक्षा इस साल कम पराली जलाई गई है। एक से आठ अक्तूबर के बीच पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में पिछले साल की तुलना में पराली जलाने की घटनाओं में 58 प्रतिशत की कमी आई है। इस दौरान पंजाब में 60, हरियाणा में 48 और उत्तर प्रदेश में 75 प्रतिशत पराली जलाने की घटना में कमी आई है।
सस्ती दर पर प्याज की बिक्री पर भी विधानसभा नेता प्रतिपक्ष ने दिल्ली सरकार को आड़े हाथ लिया। कहा कि दिल्ली वाले महंगी प्याज खरीदने को मजबूर हैं। 400 राशन दुकानों पर 23.90 रुपये प्रतिकिलो की दर से प्याज उपलब्ध कराने की योजना भी हवाई साबित हुई है। सरकार ने राशन की दुकानों की संख्या घटाकर 120 कर दिया है। सरकार को नवरात्र के कारण प्याज सप्लाई की स्थिति को मजबूत करने का मौका भी मिला, लेकिन दुकानों तक प्याज नहीं पहुंची।