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मस्जिद पर प्रदर्शन, मंदिर पर भंडारा, नागरिकता कानून के विरोध में दिखी सांप्रदायिक एकता

Sun, 23 Feb 2020 07:39 PM IST
अनवर अंसारी डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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लंगर खिलाते लोग - फोटो : Amar Ujala
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नागरिकता संशोधन अधिनियम के विरोध में प्रदर्शन तेज होता जा रहा है। लेकिन अपने अद्भुत धार्मिक सौहार्द्र से ये प्रदर्शन लोगों के दिल में खास जगह बनाते जा रहे हैं। ऐसा ही एक नजारा खुरेंजी खास में चल रहे प्रदर्शन के दौरान देखने को मिली जहां एक मस्जिद के पास प्रदर्शनकारियों ने पहले तो विवादित कानून के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उसके बाद कुछ ही दूरी पर बने साईं मंदिर में जाकर लोगों को भंडारा बांटा और विश्व शांति की कामना की।

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पूर्वी दिल्ली के खुरेजी के प्रदर्शन में अहम भूमिका निभा रहे खालिद सैफी ने अमर उजाला से कहा कि नागरिकता कानून के विरोध में 13 जनवरी से चल रहे उनके प्रदर्शन में हर धर्म, जाति और समुदाय के लोग शामिल हैं। वे हर समुदाय की भावनाओं का पूरा सम्मान रखना चााहते हैं। यही कारण है कि उन्होंने भंडारे का आयोजन एक मंदिर के सामने किया जिससे उसका प्रसाद लेते समय किसी व्यक्ति की धार्मिक भावनाएं आड़े न आएं।

उन्होंने बताया कि आज ही भीम आर्मी के चंद्रशेखर रावण ने भारत बंद का आयोजन किया है। वे इस भारत बंद को पूरा समर्थन देना चाहते हैं। यही कारण है कि उन्होंने आज एक मार्च निकालने की योजना बनाई थी। लेकिन प्रशासन से अनुमति मिलने के कारण उन्हें इसका प्रस्ताव टालना पड़ा। इसके बाद ही महिलाएं निर्माण विहार से गांधी नगर जाने वाले मार्ग पर एक तरफ धरना देकर बैठ गईं। उन्होंने कहा कि इस प्रदर्शन से किसी सामान्य नागरिक को तकलीफ न हो, इसका पूरा-पूरा खयाल रखा जा रहा है। उनके वालंटियर्स लोगों के आवागमन में सहयोग कर रहे हैं।      
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सिख समाज के लोग भी साथ
शाहीन बाग के प्रदर्शनों के दौरान सिख समाज के लोग लगातार भंडारा आयोजित कर प्रदर्शनकारी लोगों को भोजन उपलब्ध करवा रहे हैं। इसी प्रकार खुरेजी के प्रदर्शन में भी सिख समाज के लोगों ने लोगों को भोजन-पानी उपलब्ध करवाया है। प्रदर्शन के आयोजकों की योजना है कि इसी तरह से लगातार सामाजिक सौहार्द्र का संकेत दिया जाता रहे जिससे इस प्रदर्शन को किसी एक धर्म से जोड़कर न देखा जाए। 

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