बैंकों में लगने वाली लंबी लाइन अब घटने लगी है। इसकी वजह बैंकों द्वारा अपनाए जाने वाली सख्ती है। जब से कमीशन के आधार पर नोट बदलने वालों ने स्याही की बात सुनी है तब से वह इससे किनारा कर गए हैं। इसके अलावा बैंकों द्वारा लिए जा रहे शपथ पत्र सहित कुछ अन्य नियम भी शामिल हैं।
खाड़सा रोड स्थित लक्ष्मी गार्डन निवासी शशिकांती का कहना है कि वह अपने घर पास वाले स्टेट बैंक में नोट बदलवाने के लिए गईं। उनसे शपथ पत्र भरवाया गया जिसमें नाम, पता व मोबाइल नंबर तक डालना पड़ा।
वहां उनका नंबर करीब 30 लोगों के बाद आया। शपथ पत्र में लिखा गया था कि मैं शपथ पूर्वक बयान करती हूं कि मैंने समस्त प्रकार के बैंक या समस्त प्रकार की शाखाओं से आज तक 4000 या 4500 रुपये विनिमय नहीं किया।