करंसी की समस्या को देखते हुए दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने मोबाइल एप के माध्यम से भी बिल भरने की सुविधा शुरू की है। बिल भरने में उपभोक्ताओं को नकदी की किल्लत का सामना न करना हो, इसके लिए बिजली निगम ने 50 पीओएस मशीनें मंगवाने के निर्देश दिए हैं।
जिले में बिजली निगम की सभी सब-डिवीजनों में प्रतिदिन लाखों रुपया जमा कराया जाता है। नोटबंदी के बाद पुराने नोट जमा करवाने की छूट खत्म होने के बाद अब उपभोक्ताओं को बिल जमा कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इसको देखते हुए बिजली निगम ने भी कैशलेस प्रणाली पर जोर देना शुरू कर दिया है। ऑनलाइन बिल भुगतान की सुविधा पहले ही दी जा रही है। अब स्वाइप मशीन के जरिए डेबिट, क्रेडिट कार्ड से भी काउंटरों पर बिल जमा किए जाएंगे।
बिजली निगम के अधीक्षण अभियंता मुकेश गुप्ता ने बताया कि आठ साल से ऑनलाइन बिलिंग की सुविधा दी जा रही है। मोबाइल एप भी लांच किया गया है। अब पूरी तरह कैशलेस प्रणाली पर जोर दिया जा रहा है।