वर्ष समाप्त होने की ओर है। लुभावने ऑफर के बावजूद ऑटोमोबाइल सेक्टर दिसंबर माह में रफ्तार नहीं पकड़ सका है। चौपहिया वाहन कंपनियों के इस माह निर्धारित किए गए लक्ष्य पूरे होते नजर नहीं आ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि दिसंबर माह में 30 से 35 प्रतिशत की खरीदारी में कमी आई है, जिसकी वजह नोटबंदी है। लुभावने ऑफर भी बौने साबित हो रहे हैं। ऐसे में कंपनियों को तगड़ा झटका लगा है।
नोटबंदी के बाद दुपहिया वाहन बाजार की स्थिति संभलने लगी है। देश की जीडीपी में ऑटोमोबाइल सेक्टर का योगदान काफी है, उसके बावजूद इसकी स्थिति को ठीक होने में कुछ समय लगना बताया जा रहा है। क्रिसमस का त्यौहार होने के कारण चौपहिया वाहन के शोरूम में खरीदारी को लेकर तैयारियां पूर्ण कर ली गईं हैं, लेकिन बाजार से खरीदार ही गायब हैं।
कॉरपोरेट से लेकर फ्री बीमा तक के ऑफर
चौपहिया वाहन के गिरते बाजार को उभारने के लिए कंपनियों ने विभिन्न ऑफर दिए हैं। मारुति सुजूकी ने सरकारी कर्मचारियों के लिए दस हजार रुपये की छूट, कॉरपोरेट के लिए अलग-अलग छूट, फ्री बीमा, जीरो प्रतिशत ईएमआई, पुराने वाहन पर एक्सचेंज ऑफर, जीरो डाउन पेेमेंट, टैक्सी एवं टूर ऑपरेटर के लिए पांच हजार रुपये की छूट दे रखी है। हुंडई ने इस माह को दिसंबर डीलाइट नाम देकर 100 प्रतिशत ऑन रोड फाइनेंस, कॉरपोटेट एवं सरकारी कर्मचारियों को छूट एवं 35 से 90 हजार की बचत के फायदे का ऑफर रखा है। रेनोल्ट ने हर दिन एक कार जीतने का मौका, 100 प्रतिशत फंडिंग, जीरो डाउन पेमेंट, एक लाख रुपये के स्पेशल फायदे के ऑफर के साथ लुभाने का काम किया है। होंडा ने बेस्ट एक्सचेंज का ऑफर देकर ऑन द स्पॉट फाइनेंस सुविधा दी है। फीएट ने जीरो प्रतिशत परेशानी एवं 100 प्रतिशत सुविधा की टैगलाइन का ऑफर दिया है।
बिक्री का लक्ष्य नहीं हो पाएगा पूरा
ऑटोमोबाइल शोरूम इस बार दिसंबर में 2500 वाहनों की बिक्री का लक्ष्य मानकर चल रहे थे। माना जा रहा है कि प्रति माह इस शहर में करीब 1500 वाहनों की बिक्री होती है, लेकिन त्योहार एवं वर्ष के अंत में यह प्रतिशत बढ़ जाता है। इस बार वर्ष की समाप्ति पर नोटबंदी ने ऑटोमोबाइल सेक्टर को तगड़ा झटका देने का काम किया है।
ऑफर का नहीं मिल रहा लाभ
दिसंबर माह में 500 वाहन की बिक्री का लक्ष्य रखा गया है। अब तक सिर्फ 150 की ही बिक्री हो पाई है। इस बार 250 तक मुश्किल से पहुंचने की संभावना नजर आ रही है। वाहन खरीदने के लिए कई ऑफर भी हैं, लेकिन इसका भी लाभ नहीं मिल पा रहा है।-गुलशन नागपाल, मैनेजर, विपुल मोटर्स- मारूति
70 प्रतिशत ही लक्ष्य हुआ पूरा
दिसंबर माह में 60 वाहनों की बिक्री का लक्ष्य रखा था, जो पूरा होना मुश्किल लग रहा है। तय लक्ष्य के मुकाबले 70 प्रतिशत वाहनों की बिक्री ही हो पाई है। फ्री बीमा एवं कॉरपोरेट के लिए स्पेशल प्लान चल रहे हैं।-वीएस सेंगर, जनरल सेल्स मैनेजर, निसान शोरूम
संभलते नजर आ रहे हैं हालात
दुपहिया वाहन का कारोबार ठीक होने लगा है। रॉयल इनफील्ड के प्रति क्रेज बढ़ रहा है। नोटबंदी के बाद अब सिर्फ कैशलेस भुगतान आ रहा है। पिछले महीने के मुकाबले हालात संभलते नजर आ रहे हैं।-वरुण, मैनेजर, रॉयल इनफील्ड शोरूम