नोटबंदी से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कस्बों और गांवों का हाल जानने के लिए एनएच 24 पर दिल्ली से अमरोहा तक का सोमवार को लगभग 150 किलोमीटर तक का सफर कई कस्बों और शहरों के बीच से गुजरते हुए किया।
डासना टोल प्लाजा से लेकर अमरोहा तक के इस सफर में खुशनुमा कहानी कोई नहीं थी...बस थीं तो पुराने नोट नहीं चलने और नए नोटों की कमी से पैदा परेशानी। आइये जानें कैसे कैश की कमी ने ग्रामीण जनजीवन को हिला कर रख दिया है। पेश है भूपेंद्र कुमार की रिपोर्ट...
नहीं साहब हमारे पास बिल्कुल पैसे नहीं है। जो पुराने नोट हैं वो चल नहीं रहे दाह संस्कार के लिए पैसे लिए बिना हम नहीं जाएंगे। जोया में हाईवे के पास सड़क किनारे ट्रैक्टर में बैठकर आए इन ग्रामीणों के चेहरे पर तनाव और दुख साथ साथ देखा जा सकता था।
ट्रैक्टर के उनके परिजन का पार्थिव शरीर रखा था और वे हाइवे के किनारे एचडीएफसी बैंक से अपने पैसे निकालना चाहते थे। वहां मौजूद पुलिस कर्मचारी उन्हें समझाबुझा रहे थे पर वे मानने को तैयार नहीं थे।