नोटबंदी के कारण टूर एंड ट्रैवेल इंडस्ट्री में दर्ज की जा रही 30 से 35 फीसदी तक की गिरावट को इस बार हनीमून पैकेज से ही ऑक्सीजन मिल पा रही है। शादी के इस सीजन में हनीमून पैकेज ही एक मात्र सहारा बना है। पिछली बार की अपेक्षा इस बार सर्दियों की छुट्टी और न्यू ईयर सेलिब्रेशन के लिए लोग देश में ही जाना पंसद कर रहे हैं।
इस बार नए ग्राहकों में सबसे अधिक संख्या हनीमून जोड़े की है। शहर में संचालित कई टूर एंड ट्रैवेल एजेंसियों ने बाकायदा हनीमून पैकेज तय कर रखा है। जिसमें लोगों को दस हजार रुपये में घरेलू टूर से लेकर डेढ़ से दो लाख रुपये का इंटरनेशनल टूर पैकेज दे रहे हैं।
जानकारी के अनुसार शहर के विभिन्न हिस्सों में 12 से 15 टूर एंड ट्रैवेल एजेंसियां संचालित हो रही हैं। एजेंसियों के मुताबिक पिछले साल इस सीजन में टिकट बुक कराने वालों की भरमार रहती थी। यानी हर साल 15 से 18 करोड़ का टूर एंड ट्रैवेल का कारोबार होता था।
इस बार इसमें करीब 35 फीसदी गिरावट दर्ज की जा रही है। इसका प्रमुख कारण नोटबंदी है। इस बार सर्दियों की छुट्टी और न्यू ईयर सेलिब्रेट करने वालों में कारपोरेट और पुराने वे ग्राहक हैं जो क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड और ऑनलाइन पेमेंट करते हैं। सेक्टर-16 में ट्रैवेल एजेंसी चलाने वाले हर्ष कुमार व सेक्टर-7 में ट्रैवेल एजेंसी के मैनेजर महाबीर ने बताया कि इस बार टिकट बुक कराने वाले जो आ भी रहे हैं वह कॉरपोरेट हैं।
इनका टूर गोवा, केरला, मुंबई, बैंगलुरू, राजस्थान, मनाली व अन्य हिल्स एरिया पर ज्यादा जोर है। दुबई, बैंकाक व अन्य देश जाने वालों की संख्या बहुत की कम है। सेक्टर 82 में एजेंसी चलाने वाली स्विंकी और एनआईटी पांच स्थित क्लासिक एजेंसी की निदेशक रीना सिंह का कहना है कि उनका ज्यादातर कारोबार कैशलेस ही होता है। लेकिन बहुत से ऐसे लोग आते थे जो कैश पेमेंट करते थे। नोटबंदी से इसका असर खूब पड़ रहा है। नए कपल जो आ भी रहे हैं वह हनीमून पैकेज वाले हैं। अन्य नए ग्राहकों की संख्या बहुत ही कम है।
केरल और गोवा लोगों की पहली पसंद:
-ट्रैवेल एजेसीं संचालकों का कहना है कि हनीमून पैकेज लेने वालों की पहली पसंद केरल और गोवा है। क्योंकि दोनों स्थान पर मौसम अच्छा रहता है। इसके अलावा राजस्थान, उदयपुर, मनाली, मंसूरी, आगरा के लिए भी लोग टिकट बुक करा रहे हैं। जबकि विदेशों में दुबई लेगों की पहली पसंद है। लेकिन इस बार वहां जाने वालों की संख्या में काफी गिरावट दर्ज की जा रही है। पिछले साल यदि प्रति एजेंसी से 10-12 लोग दुबई का टिकट कराते थे तो इस बार उनकी संख्या 2-3 ही रह गई है। नोटबंदी के कारण हनीमून पैकेज ही टूर एंड ट्रैवेल एजेंसी को ऑक्सीजन देने का काम कर रहा है।