नर्सरी के संचालक प्रीतम शर्मा ने बताया कि इन दिनों तुलसी, गिलोय, एलोवेरा, हार शृंगार की मांग सबसे अधिक है। ये सभी पौधे आसानी के मिलने के बावजूद ब्लैक में बिक रहे हैं।
साधारण तुलसी का पौधा भी इन दिनों तीस से पचास रुपये में बिक रहा है। इसी तरह गिलोय की बेल को आसानी से दूसरी बेल के एक टुकड़े से ही तैयार किया जा सकता है, लेकिन फिलहाल यह 100 रुपये तक में बिक रही है।
एलोवेरा को भी एक गमले से दूसरे, तीसरे में बढ़ाया जा सकता है। इसकी कीमत 60 से 100 रुपये तक है। हार-शृंगार के पत्ते सबसे ज्यादा जोड़ों के दर्द में काम आते हैं। इसकी मांग भी इन दिनों ज्यादा है। यह पौधा 100 से 300 रुपये तक बिक रहा है।
क्या कहते हैं अधिकारी
आयुष विभाग के स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अभिषेक का कहना है कि इन दिनों काढ़ा ही सबसे ज्यादा कारगर माना जा रहा है। सांस के रोगियों के लिए साफ हवा सबसे ज्यादा जरूरी है।
लगातार ऑक्सीजन देने वाले पौधे जैसे स्पाइडर, स्नेक ट्री, एरिका पाम, रबड़ प्लांट आदि इन सब में मददगार साबित होते हैं। इसके साथ ही गिलोय का रस, तुलसी, अदरक, दालचीनी आदि का काढ़ा काफी सहायता करता है। ये सभी चीजें इम्यूनिटी को भी बढ़ाती हैं।
कहां से ले सकते हैं पौधे
वन विभाग के बागवानी विभाग में कार्यरत सुरेश में बताया कि ये सभी पौधे आसानी से वन विभाग की नर्सरी से लिए जा सकते हैं। इसके अलावा घर पर भी तैयार किए जा सकते हैं।
तुलसी के बीज से एक साथ कई पौधे बन सकते हैं। गिलोय की एक डंडी को ही काटकर जमीन में लगाने से इसकी बेल तैयार हो जाती है। हरा प्याज, एलोवेरा, हरी मिर्च, हल्दी आदि आसानी से छोटे से गमले में लगाई जा सकती हैं।