राजधानी में स्थायी शिक्षक की पूर्ण योग्यता (सीटीईटी व बीएड) रखने वाले अभ्यर्थियों ने बुधवार को दिल्ली विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। यह ऐसे अभ्यर्थी हैं, जोकि बीते कई साल से दिल्ली सरकार के विद्यालयों में स्थायी शिक्षक भर्ती प्रतियोगी परीक्षा का इंतजार कर रहे हैं। अपनी मांगों को लेकर इन अभ्यर्थियों ने उपराज्यपाल को ज्ञापन भी सौंपा और उनसे जल्द से जल्द स्थायी शिक्षकों की सीधी भर्ती प्रक्रिया को पुन: आरंभ करने की मांग की।
स्थायी शिक्षक बनने की बाट जोह रहे इन अभ्यर्थियों का कहना था कि दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड ने कम संख्या में शिक्षक भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था, लेकिन उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने अतिथि शिक्षकों के दबाव तथा अतिथि शिक्षकों को स्थायी करने के अपने चुनावी वायदे के कारण इस भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगा दी। उन्होंने कहा कि बुधवार को विधानसभा में विधेयक पारित कर दिया गया, इससे जो अभ्यर्थी शिक्षक बनने की पूरी योग्यता रखते हैं, उनके साथ अन्याय है।
उन्होंने अपने ज्ञापन में कहा कि कई अतिथि शिक्षक कई वर्षों से सीटीईटी उत्तीर्ण किए बिना कार्यरत हैं, जोकि नियमों के विरुद्ध है। पूर्व में अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में नियमों का पालन नहीं किया गया तथा इस भर्ती प्रक्रिया में कई अनियमितताएं पाई गई हैं। स्थायी शिक्षक बनने के लिए जो मापदंड तय किए गए हैं, अतिथि शिक्षक उन्हेें पूरा नहीं करते।