जेएनयू छात्रसंघ चुनाव के प्रेजिडेंट डिबेट से पहले पहलगाम घटना और फलिस्तीन-इजराइल मुद्दे पर एबीवीपी और आइसा के बीच पोस्टर-झंडा विवाद उभरा। बापसा-एनएसयूआई समर्थकों में नोकझोंक और धक्कामुक्की के आरोपों के बीच डिबेट शुरू नहीं हुई।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) छात्र संघ चुनाव में भी जम्मू-कश्मीर के पहलगाम घटना के बदले की मांग उठी। प्रेजिडेंट डिबेट शुरू होने से पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) की ओर से कश्मीर घटना की बदले की मांग वाले पोस्टर प्रदर्शित किए गए, जबकि आइसा वाले खेमे की तरफ से फलिस्तीन का झंडा दिखाया गया।
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लाल सलाम और इंकलाब की गूंज रही। फलिस्तीन के झंडे के बदले में एबीवीपी ने इजराइल का झंडा कागज पर बनाकर प्रदर्शित किया। हालांकि झंडे दिखाने पर मंच से न दिखाने को लेकर घोषणा भी की गई। वहीं, बापसा और एनएसयूआई सर्मथकों के बीच गर्मागर्मी और नोकझोंक देखने को मिली। बापसा समर्थकों का आरोप है कि उन्होंने महिला कार्यकर्ताओं को धक्का दिया। खबर लिखे जाने तक डिबेट शुरू नहीं हुई थी।