छह दिवसीय प्रशिक्षण में 22 राज्यों के 108 शिक्षक और शोधकर्ता हुए शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जामिया मिल्लिया इस्लामिया के मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र ने ग्लोबल साउथ में शहरीकरण और सतत विकास पर छह दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में देश के 22 राज्यों से करीब 108 शिक्षक और शोधकर्ता शामिल हुए। इसमें शहरी नियोजन, जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन जैसी चुनौतियों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम में विभिन्न विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और सरकारी निकायों के विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। थाईलैंड के थम्मासैट विश्वविद्यालय के प्रो. भरत दहिया ने कहा कि ग्लोबल साउथ के शहरों में स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विकास योजनाएं बनाना आवश्यक है। उन्होंने सतत विकास के लिए शहरों की परिस्थितियों के अनुसार नीतियां बनाने पर जोर दिया।
जामिया के योजना विभाग की प्रो. हिना जिया ने टिकाऊ शहरों की योजना और विकास पर बात की। जेएमआई के भूगोल विभाग के प्रो. हारून सज्जाद ने प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की रणनीतियों पर प्रकाश डाला। अन्य सत्रों में जलवायु परिवर्तन, पहाड़ी क्षेत्रों के छोटे शहरों और दिल्ली के वायु प्रदूषण पर भी चर्चा हुई। आवास और शहरीकरण के सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
सतत विकास के महत्वपूर्ण पहलू
कार्यक्रम में शहरी विकास के वित्तीय पहलुओं को समझाया गया। इसमें समावेशी स्वच्छता और सार्वजनिक स्थलों के डिजाइन पर भी ध्यान दिया गया। लैंगिक समानता और पानी के साथ शहरीकरण के संबंधों पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने सतत विकास के लिए प्रभावी नीतियों, बेहतर प्रशासन और सामाजिक न्याय की आवश्यकता बताई।