गर्मी में राहत के लिए 2670 मेगावाट ग्रीन पावर इस्तेमाल, एआई से हो रही डिमांड की सटीक प्लानिंग
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
बढ़ती गर्मी के बीच दिल्ली में बिजली की मांग ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। अप्रैल में पहली बार सोमवार को पीक पावर डिमांड 7078 मेगावाट के पार पहुंच गई। यह अप्रैल महीने में अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। खास बात यह है कि पिछले दो सालों में 7000 मेगावाट का स्तर मई में पार हुआ था, जबकि इस बार अप्रैल में ही यह रिकॉर्ड बन गया।
स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर के मुताबिक, दोपहर 3.30 बजे यह पीक दर्ज की गई। बीएसईएस डिस्कॉम्स ने बताया कि उसने अपने-अपने क्षेत्रों में 3159 मेगावाट और 1446 मेगावाट की मांग को पूरा किया। कंपनी का कहना है कि इस बार गर्मी को देखते हुए पहले से ही व्यापक तैयारी की गई है। बीएसईएस ने बताया कि वो दक्षिण, पश्चिम, पूर्व और मध्य दिल्ली के 53 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं और करीब 2.25 करोड़ आबादी को बिजली सप्लाई कर रही है। इसके लिए नए बिजली समझौते, अन्य राज्यों से बिजली बैंकिंग और एडवांस तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।
ग्रीन पावर पर भी खास जोर
इस साल करीब 2670 मेगावाट हरित ऊर्जा से सप्लाई द जा रही है। इसमें सोलर से 840 मेगावाट, हाइड्रो से 572 मेगावाट और विंड से करीब 500 मेगावाट बिजली मिलेगी। इसके अलावा पंप्ड स्टोरेज प्लांट, रूफटॉप सोलर और वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट भी योगदान देंगे। किलोकरी में 20 मेगावाट का बैटरी स्टोरेज सिस्टम भी ग्रिड को संतुलित रखने में मदद करेगा।