ये होंगे इंतजाम
अभियंता व कर्मचारी मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से ही जल पंपों के प्रदर्शन की निगरानी करेंगे।
नियंत्रण कक्ष संचालक यह सुनिश्चित करने के लिए सिस्टम और वर्षा डेटा की निगरानी करेंगे कि जल पंप सही तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं।
किसी भी समस्या या अलार्म के मामले में रखरखाव टीम को सतर्क किया जाएगा।
अभियंता कर्मचारी जल पंपों या नियंत्रण पैनल के साथ किसी भी समस्या की जांच और समस्या निवारण करेंगे।
रखरखाव टीम नियमित रखरखाव कार्य करेगी, जैसे कि फिल्टर का सफाई कार्य।
प्रमुख जलभराव वाले स्थान
मूलचंद अंडरपास : यह क्षेत्र भारी बारिश में जलमग्न हो जाता है, जिससे यातायात प्रभावित होता है।
आईटीओ जंक्शन : व्यस्त चौराहे पर जल निकासी की समस्या के कारण पानी जमा हो जाता है।
नजफगढ़ रोड : नजफगढ़ नाले के आसपास के क्षेत्रों में जलभराव आम है।
धौला कुआं : यह इलाका भी जलभराव से प्रभावित होता है, जिससे जाम की स्थिति बनती है।
पूर्वी दिल्ली : आनंद विहार और गाजीपुर भी जलभराव के लिए संवेदनशील हैं।
कश्मीरी गेट : भारी बारिश में यहां पानी भरने की शिकायतें मिलती हैं।
जखीरा और मिंटो ब्रिज पर शुरू होगा काम
पीडब्ल्यूडी मानसून सीजन से पहले दो प्रमुख जलभराव वाले स्थानों जखीरा और मिंटो ब्रिज पर जल निकासी की समस्या दूर करने के लिए काम शुरू करने जा रहा है। जखीरा में अंडरपास पर नया नाला बनेगा। इसका निर्माण मौजूदा नाले को ध्वस्त करने के बाद होगा। मौजूदा नाला संकरा है, इसलिए बड़े और चौड़े नाले में पानी के प्रवाह को संभालने की अधिक क्षमता होगी। मिंटो ब्रिज पर पीडब्ल्यूडी अंडरपास पर पंप स्टेशनों की ऊंचाई बढ़ाने का काम करेगा। मौजूदा ड्रेनेज के अलावा पानी के बहाव की गति बढ़ाने के लिए वैकल्पिक ड्रेनेज लाइन भी बनाई गई है।