राजधानी की पक्षियों में फैले एच5एन8 वायरस के चलते दिल्ली चिड़ियाघर अब 45 दिनों तक बंद रहेगा। केंद्र सरकार के पशुपालन विभाग ने साफ किया है कि अब चिड़ियाघर तभी खुलेगा जब पूरी तरह से वायरस का असर खत्म हो जाएगा।
दिल्ली में पक्षियों की मौत का सिलसिला जारी है। बुधवार को फिर तीन पक्षी मरे है, जिसमें एक मौत चिड़ियाघर में हुई है। तीनों पक्षियों के सैंपल जांच के लिए भेज दिया गया है। दिल्ली में अब तक कुल 75 पक्षियों की मौत हो चुकी है।
दिल्ली में बुधवार को शांतिवन में स्थित शक्ति स्थल के पास मौजूद झील में दो बतख और चिड़ियाघर में एक तितर की मौत हुई है। दोनों ही स्थलों को आम जनता का प्रवेश बंद है। चिड़ियाघर में पांच दिन बाद मौत हुई है। बीते पांच दिनों से यहां एक भी मौत नहीं हुई थी। डियर पार्क में मौत का सिलसिला थमा है लेकिन वह भी अभी बंद रहेगा।
केंद्र सरकार के पशुपालन विभाग ने साफ किया है कि चिड़ियाघर अभी 45 दिनों तक बंद रहेगा। दरअसल, चिडिय़ाघर में जब इस तरह के वायरस फैलता है तो उसे खोलने की एक प्रक्रिया होती है।
मौत के बाद पहले 15 दिन तक पक्षी नहीं मरने का इंतजार होगा। उसके बाद फिर से वहां मौजूद पक्षियों की सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा। फिर 15 दिन तक इंतजार किया जाएगा कि कोई पक्षी तो नहीं मरा। इस तरह कुल 30 दिन होते है।
चिडिय़ाघर प्रशासन 30 तीन बाद फिर एक जांच कराएगा। उसमें भी अगर रिपोर्ट ठीक आती है तो भी हम 15 दिन और इंतजार करते है। उसके बाद ही चिडिय़ाघर को दोबारा खोला जाता है। इस तरह यह कुल 45 दिन लगेंगे।
चिडिय़ाघर के बंद होने के चलते उसे राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है, क्योंकि यहां रोजाना 10,000 के करीब पर्यटक आते है। बंद होने से रोजाना 3 से 4 से लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। अगर यह 45 दिन तक चला तो चिडिय़ाघर को एक करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान होगा।