23 सितंबर को दिल्ली के चिड़ियाघर में सफेद बाघ द्वारा एक युवक पर हुए हमले में नया खुलासा हुआ है। इस खुलासे ने आम लोगों को ही नहीं डाक्टरों को भी चौंका दिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे मेडिकल जर्नल में शामिल करने का फैसला लिया गया है। एम्स में डाक्टरों के जिस समूह ने इस मामले की जांच की है उनका मानना है कि यह अपने आप में दुर्लभ मामला है।
बाघ द्वारा इंसानों पर हमले का यह मामला बेहद अनोखा है क्योंकि सामान्य तौर पर बाघ के शिकार करने का तरीका ऐसा नहीं होता। गौरतलब है कि इस घटना में मारे गए मकसूद के बाघ के बाड़े में गिरने के बाद बाघ्ा ने उस पर हमला नहीं किया बल्कि कुछ देर तक उसके साथ खेलता रहा था।
अचानक भीड़ के पत्थर फेंकने पर वह सुरक्षित स्थान पर भागा और साथ में मकसूद को भी ले गया। माना जाता है कि इसी प्रयास में मकसूद की जान गई।
साभार: mailtoday.in