दिल्ली चिड़ियाघर प्रशासन ने बीते मंगलवार को हुए हादसे की रिपोर्ट जू अथॉरिटी को भेज दी है। अथॉरिटी को भेजे रिपोर्ट में प्रशासन ने अपना व सफेद बाघ दोनों का बचाव किया है।
उसमें कहा गया है कि युवक ने खुद बाड़े में छलांग लगाई, जिसने बचाने के लिए हम पर्याप्त समय नहीं मिला। जितना समय मिला उसमें पूरी कोशिश की गई। युवक के कूदने के दस मिनट के अंदर सफेद बाघ को पिंजरे में बुला लिया गया था। लेकिन इससे पहले बाघ युवक पर हमला कर चुका था।
दरअसल, हादसे के बाद सेंट्रल जू अथॉरिटी ने चिड़ियाघर प्रशासन ने पूरी घटना की रिपोर्ट मांगी थी। चिड़ियाघर ने अपने जवाब में पूरी घटना में अपना बचाव करते हुए कहा कि हादसे के लिए प्रशासन की ओर से कोई लापरवाही नहीं है।
तो इसलिए आया बाघ को गुस्सा
चिड़ियाघर, जू अथॉरिटी के मानकों को ध्यान में रखकर बाड़े को बनाया है। वहां गार्ड भी तैनात था। उसने युवक को दो बार रोका भी लेकिन वह फिर भी उसने बाड़े में छलांग लगा दी।
चिड़ियाघर ने रिपोर्ट में कहा है कि कूदने के दो से तीन मिनट के भीतर सभी लोग वहां पहुंच चुके थे। सफेद बाघ विजय को अंदर बुलाने का काम भी शुरू कर दिया गया था। लेकिन इस दौरान विजय ने वहां जुटी भीड़ का शोर सुनकर और ऊपर से फेंके गए पत्थर के कारण गुस्सा हो गया।
उसने युवक पर हमला कर दिया। फिर भी युवक के बाड़े में छलांग लगाने के दस मिनट के अंदर ही उसे पिंजरे में बुला लिया गया था।
ऊपर से गिरा पत्थर और भड़क गया बाघ
चिड़ियाघर प्रशासन के एक अधिकारी के मुताबिक यहां सफेद बाघ की गलती नहीं है। उसकी या चिड़ियाघर प्रशासन की गलती तब होती जब जानवर बाड़े से बाहर आकर हमला करता।
हमारे रेस्क्यू प्लान के मुताबिक अगर कोई जानवर बाड़े से बाहर आ जाता है तो किसी भी हालत में अधिकतम 15 मिनट में उसे पकड़ने का काम शुरू कर देना है। लेकिन ताजा हादसे वाले दिन हम पांच मिनट के अंदर वहां पहुंच गए थे।
सफेद बाघ के कीपर ने उसे अंदर बुलाने का काम भी शुरू कर दिया था। लेकिन इसी दौरान किसी ने ऊपर से पत्थर फेंका और उसने युवक को दबोच लिया।