तिहाड़ व मंडोली जेल में करवा चौथ पर महिला कैदी व्रत खत्म होने के बाद अपने पति का दीदार नहीं कर पाएंगी लेकिन उनके लिए वह सोलह श्रृंगार जरूर करेंगी। जेलों में प्रशासन की ओर से करवा चौथ मनाने की तैयारियां चल रही हैं।
महिला कैदी सभी रस्म पूरी कर सकें, इसकी पूरी तैयारी हो गयी है। जेल प्रशासन ने मेंहदी लगाने की व्यवस्था के साथ-साथ श्रृंगार से जुड़ी सारी सामग्री जेल में उपलब्ध करा दी है।
जेल प्रशासन का कहना है कि व्रत के लिए महिला कैदी जेल के कैंटीन से सामान खरीद सकती हैं। शाम में उन्हें वार्ड से बाहर निकाला जाएगा। ताकि वह चांद को देख सकें। हालांकि सूर्यास्त के बाद कैदियों को बैरक से बाहर निकालने का कोई प्रावधान नहीं है। लेकिन चांद का दीदार करने के लिए महिला कैदियों को जेल प्रशासन की ओर से यह छूट दी गयी है।
जेल के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तिहाड़ में पहले जेल प्रशासन करवा चौथ पर विशेष आयोजन करता था। करवा चौथ के दिन महिला कैदियों को उनके पति से मिलने की इजाजत दी जाती थी। लेकिन बाद में सुरक्षा कारणों से इसे बंद कर दिया गया।