राजधानी में बच्चियों के साथ बढ़ रही दुष्कर्म की घटनाओं के बाद महिला सुरक्षा को लेकर दिल्ली महिला आयोग एक बार फिर सक्रिय हुआ है। आयोग ने जमानत पर छूटे दुष्कर्म के आरोपियों की जानकारी के लिए दिल्ली पुलिस को नोटिस भेजा है, जिसमें दुष्कर्म और पोक्सो मामलों संबंधित आरोपियों की जानकारी मांगी गई है। 8 जुलाई तक जवाब देने को कहा है।
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दिल्ली महिला आयोग ने दुष्कर्म मामलों की एफआईआर की कॉपी, चार्जशीट की स्थिति, आरोपी के जमानत पर रिहा होने की तारीख, जेल से छूटने से पहले वहां रहने का समय आदि की जानकारी मांगी है। पूछा है कि जमानत पर छूटे हुए आरोपी को दोबारा अपराध करने से रोकने के लिए उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए क्या व्यवस्थाएं की गई हैं?
15 जून को नरेला में सात साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म कर हत्या का मामला सामने आने के बाद आयोग ने यह कदम उठाया है। आयोग के अनुसार, मीडिया रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है कि इस मामले में आरोपी 2011 में भी एक नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म मामले में गिरफ्तार हो चुका था। जेल में एक साल बिताने के बाद वह जमानत पर बाहर था। अब उसने दूसरी वारदात को अंजाम दिया।
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ऐसे ही कई अन्य मामलों में दुष्कर्म के मामले में आरोपी जमानत पर हैं। आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल का कहना है कि विकसित देशों में जमानत पर छूटे अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए मजबूत निगरानी व्यवस्था है। हम इस मुद्दे पर पुलिस के साथ मिलकर काम करेंगे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि दोबारा इस तरह का अपराध न हो।