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पढ़ेगी दिल्ली, तभी बढ़ेगी दिल्ली: शिक्षा के मॉडल से देश ही नहीं दुनिया में छाने की तैयारी

Wed, 27 Feb 2019 04:57 AM IST
राजेश सैनी रश्मि शर्मा, नई दिल्ली

सार

- शिक्षा पर सर्वाधिक 15, 601 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे
- यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लॉयड साइंस व शिक्षकों की ट्रेनिंग के लिए यूनिवर्सिटी
- दसवीं में 80 फीसदी या उससे अधिक लाने पर टैबलेट का तोहफा
- फैमिली बिजनेस में प्रबंधन के गुुर सिखाएगी सरकार 
- 11वीं-12 वीं के हर छात्र को एक हजार रुपये व उच्च तकनीकी शिक्षा के छात्रों को पांच हजार रुपये मिलेंगे
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विस्तार
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केजरवाल सरकार ने अपने कार्यकाल के आखिरी बजट में शिक्षा के लिए एक बार फिर खजाना खोल दिया है। सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 के बजट में शिक्षा क्षेत्र को 15, 601 करोड़ की राशि आवंटित की है। यह कुल बजट का सर्वाधिक 26 फीसदी है। सरकार की योजना दिल्ली के शिक्षा मॉडल से विश्व पटल पर छाने की है। आगामी वित्त वर्ष में सरकार का जोर बच्चों के कौशल, शिक्षकों की ट्रेनिंग, दो नई यूनिवर्सिटी, दसवीं में अच्छे अंक लाने पर टैबलेट का तोहफा जैसी योजनाओं पर रहेगा। 

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दिल्ली को पढ़ाने और आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने बजट में स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा व शिक्षकों की ट्रेनिंग का ध्यान रखा है। स्कूलों-विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, पॉलिटेक्निक, आईटीआई तथा उच्च व तकनीकी शिक्षा के छात्रों में व्यावसायिक सोच को बढ़ावा देने के लिए बजट  में 42 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। 11 वीं व 12वीं के विद्याथियों को टैबलेट देने के लिए 9 करोड़ रुपये की राशि प्रस्तावित की गई है। कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए दो नए कार्यक्रम दिल्ली कला केन्द्र और युवा महोत्सव शुरू किए जाएंगे। इसके लिए 187 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं।

यूनिवर्सिटी ऑफ अप्लाइड साइंस शुरू होगी
देश में अब तक अप्लाइड साइंस के कोर्सेज के लिए कोई विश्वलिद्यालय नहीं है। इस कमी को पूरा करने के लिए दिल्ली सरकार यूनिवर्सिटी ऑफ अप्लाइड साइंस शुरू करने जा रही है। इसमें विभिन्न ट्रेडस में व्यावसायिक शिक्षा के लिए 3 से 12 महीने तक माड्यूलर प्रोग्राम, एक से दो वर्ष के सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, डिग्री, स्नातकोत्तर से लेकर एमफिल, पीएचडी के प्रोग्राम होंगे। इसी तरह से शिक्षकों की ट्रेनिंग के लिए दिल्ली सरकार टीचर्स ट्रेनिंग में गुणवत्ता के लिए टीचर्स ट्रेनिंग यूनिवर्सिटी भी बनाएगी। 

फैमिली बिजनेस प्रबंधन के गुर सीखेंगे
दिल्ली सरकार फैमिली बिजनेस प्रबंधन के गुर सिखाने की तैयारी भी कर रही है। सरकार ने बजट में फैमिली बिजनेस में एमबीए पाठ्यक्रम शुरू करने का प्रावधान किया है। यह अपनी तरह का एक नया पाठ्यक्रम है। दिल्ली तकनीकी विश्वविद्यालय में शुरू होने वाले इस पाठ्यक्रम में देश के व्यापारी परिवारों के बच्चे अपने ही पारिवारिक बिजनेस से संबंधित प्रबंधन के गुर सीखेंगे। भविष्य में इसे दिल्ली सरकार के अन्य विश्वविद्यालयों में शुरू किया जाएगा। 

छात्र अपना बिजनेस प्लॉन विकसित कर उद्यमी बनेंगे
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बजट पेश करते हुए कहा कि सरकार एंटरप्रेन्योर पाठ्यक्रम लेकर आ रही है। यह नौवीं से बारहवीं के छात्रों के साथ दिल्ली सरकार के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, पॉलीटेक्निक, आईटीआई और स्किल सेंटर के एक लाख विद्यार्थियों के लिए भी लागू होगा। सिसोदिया ने कहा कि इसकेे तहत 11 वीं और 12वीं कक्षा और उच्च व तकनीकी शिक्षा में पहले वर्ष के छात्रों के लिए एंटरप्रेन्योरशिप सीड मनी के लिए 42 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत प्रत्येक स्कूली छात्र को एक हजार रुपये प्रतिवर्ष और उच्च तकनीकी शिक्षा के छात्रों के लिए पांच हजार रुपये प्रतिवर्ष दिए जाएंगे। इस राशि से छात्र अपना बिजनेस प्लॉन तैयार करेंगे और उसे अमल में लाकर उद्यमी बनेंगे। 
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छात्रों को टैबलेट का तोहफा
दिल्ली सरकार ने शिक्षकों को टैबलेट उपलब्ध कराने के बाद अब विद्यार्थियों को टैबलेट देने का प्रावधान बजट में करने जा रही है। इसके लिए डिजिटल लर्निंग स्कीम प्रस्तावित की गई है। इसकी शुरुआत राजकीय प्रतिभा विकास विद्यालय और स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के 11वीं व 12वीं के विद्यार्थियों से की जाएगी। वहीं दसवीं बोर्ड परीक्षा में 80 फीसदी या उससे अधिक अंक लाने पर छात्रों को प्रतिभा फेलोशिप कार्यक्रम के तहत कंप्यूटर टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। इस योजना के तहत ही राष्ट्रीय स्तर पर कला उत्सव के लिए चुने जाने वाले सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त विद्यार्थियों को पांच हजार व दस हजार रुपये के उपकरण व परिधान खरीदने के लिए दिए जाएंगे। 

शिक्षा बजट की अन्य बातें
-मुख्यमंत्री छात्रवृति योजना के तहत 80 फीसदी से अधिक अंक लाने वाले सातवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों को 2500 रुपये वार्षिक दिए जाएंगे।
-पहली से आठवीं कक्षा तक के आर्थिक रूप से पिछड़े व बौद्ध विद्यार्थियों के लिए छात्रवृति दर बढ़ाकर 500 रुपये प्रति वर्ष की गई। कक्षा नौवीं से बारहवीं तक 1000 रुपये प्रति वर्ष करने का प्रस्ताव है।
-अगले वर्ष 40 हजार छात्रों को अंग्रेजी में बातचीत की दक्षता ट्रेनिंग प्रस्तावित।
-आगामी वित्त वर्ष से प्रत्येक स्कूल मैनेजमेंट कमेटी को एक से 1.5 लाख रुपये का फंड अलग से देने का प्रस्ताव। 
-डीटीयू, एनएसयूटी, जीजीएसआईपी, आईआईआईटी-डी और जीबी पंत इंजीनियरिंग कॉलेज में बुनियादी ढांचागत सुविधाओं के विस्तार का काम पूरा होने पर 10 हजार अतिरिक्त सीटें जुडे़ंगी।
-जीबी पंत इंजीनियरिंग कॉलेज और पॉलिटेक्निक कॉलेज का परिसर निर्माण कार्य 527 करोड़ रुपये की लागत से ओखला में प्रस्तावित। 
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