दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता में सुधार लगातार जारी है। वायु गुणवत्ता सोमवार को गंभीर श्रेणी से मध्यम श्रेणी में आ गई। तापमान में गिरावट और तेज गति वाली हवा और नमी ने प्रदूषण के तत्वों को छांट दिया है। हवा में मौजूद पर्टिकुलेट मैटर (खतरनाक कण) 2.5 और 10 का स्तर मानक के करीब लौट रहा है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान सही हुआ तो बूंदा-बांदी के बाद वायु गुणवत्ता सामान्य हो सकती है।
सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सफर) के वैज्ञानिक गुफरान बेग ने बताया कि हवा में मौजूद नमी ने वायु गुणवत्ता में सुधार किया है। बीते हफ्ते मंगलवार को पश्चिमी भारत में धूल की आंधी के कारण हवा की गुणवत्ता खराब हुई थी। इस धूल का स्रोत ईरान और दक्षिणी अफगानिस्तान के साथ राजस्थान था। गर्मी और धूल के सघन कणों ने लोगों को परेशान कर दिया था।
खासतौर से सांस के मरीजों को इस दौरान काफी परेशानी झेलनी पड़ी।
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खासतौर से सांस के मरीजों को इस दौरान काफी परेशानी झेलनी पड़ी। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, सबसे प्रभावी प्रदूषक पीएम 10 था। इस प्रदूषण के दौरान रविवार तक दिल्ली में निर्माण कार्य भी ठप रहा।
सीपीसीबी के रियल टाइम आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार को शाम छह बजे दिल्ली-एनसीआर की हवा में पीएम 10 का स्तर 183 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रिकॉर्ड किया गया। बीते हफ्ते बुधवार को यह 10 गुना ज्यादा 1 हजार माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर तक पहुंच गया था। 24 घंटे के आधार पर पीएम 10 का स्तर 100 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर होता है। पीएम 2.5 अपने सामान्य स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर के बेहद करीब 66 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रिकॉर्ड हुआ।
विभिन्न शहरों का एक्यूआई
Weather in March, New Delhi
विभिन्न शहरों का एक्यूआई
शहर 18 जून स्थिति 12 जून की स्थिति
दिल्ली 171 445
गाजियाबाद 182 353
नोएडा 166 342
ग्रेटर नोएडा 166 500
गुरुग्राम 283 488
नोट : विभिन्न शहरों का एक्यूआई स्रोत सीपीसीबी है। विभिन्न शहरों में 101 से 200 का एक्यूआई स्तर मध्यम, 301-400 बहुत खराब और 401-500 खराब स्थिति को प्रदर्शित करता है।