शिक्षा निदेशालय, दिल्ली सरकार ने जानकारी दी है कि उत्तर पूर्व जिले के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी मान्यता प्राप्त स्कूल 7 मार्च 2020 तक छात्रों के लिए बंद रहेंगे। जिले के स्कूलों के लिए वार्षिक परीक्षा की नई तारीखों की घोषणा जल्द ही की जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में परीक्षाएं आयोजित कराने के लिए स्थिति अनुकूल नहीं है, इसलिए वार्षिक परीक्षाओं को भी स्थगित कर दिया गया है।
उत्तर पूर्वी दिल्ली में दो मार्च से होंगी सीबीएसई की रद्द परीक्षाएं
उत्तर पूर्वी जिला में हिंसा के कारण रद्द बोर्ड परीक्षाएं दो मार्च से दोबारा शुरू होंगी। यह जानकारी शनिवार को सीबीएसई की ओर से दी गई। बोर्ड का कहना है कि जहां 10वीं और 12वीं कक्षा की परीक्षा रद्द हुई थी, वहां यह दो मार्च को कराई जाएंगी। बोर्ड ने अदालत में शपथपत्र दाखिल कर इसकी जानकारी दी है। अदालत ने भी छात्रों व शिक्षकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आदेश दिल्ली पुलिस और दिल्ली सरकार को दिया है।
दूसरी ओर दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने शनिवार को एक सुर्कलर जारी कर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त व मान्यता प्राप्त स्कूलों को दो से सात मार्च तक बंद रखने का निर्देश दिया है। यह भी कहा गया है कि वार्षिक परीक्षाओं की घोषणा जल्द की जाएगी।
अब तक 167 एफआईआर, 885 दबोचे
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने अब तक कुल 167 एफआईआर दर्ज की है। वहीं हिंसा के मामले में पुलिस ने अब तक 885 लोगों का पकड़ा है। पुलिस अधिकारी पकड़े गए लोगों में कितने गिरफ्तार है और कितने को हिरासत में लिया गया है, उनका आंकड़ा बताने से बच रहे हैं। दूसरी ओर हिंसा मामले में छानबीन के बाद लगातार एफआईआर दर्ज करने का सिलसिला जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रोज शिकायतें मिल रही हैं।
दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता मनदीप सिंह रंधावा ने दावा किया कि शनिवार को हिंसा के मामले में एक भी पीसीआर कॉल नहीं आई। इसके अलावा जिले में हालात अब पूरी तरह सामान्य हैं।
रंधावा ने बताया कि शुक्रवार को हिंसा मामले में 148 एफआईआर दर्ज की गई थीं। शनिवार को इस मामले में 19 नई एफआईआर दर्ज की गई। हिंसा के बाद से ही पुलिस लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (फेसबुक, ट्वीटर, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम व अन्य) पर नजर रखे हुए हैं। इसी कड़ी में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सोशल मीडिया से संबंधित 13 मामले दर्ज किए हैं। दूसरी ओर पुलिस ने हिंसा के बाद जिले में ऑर्म्स एक्ट के 36 मामले अलग दर्ज किए हैं।