दिल्ली हिंसा मामले में क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को कड़कड़डूमा कोर्ट में तीन आरोप पत्र दायर किए हैं। अब मामले में 15 जुलाई को सुनवाई होगी। जांच एजेंसी ने मंगलवार को तीन अलग-अलग मामलों में आरोप पत्र दायर किए। इसमें मौजपुर चौक दंगा, कर्दमपुरी पुलिया दंगा और कर्दमपुरी सरकारी डिस्पेंसरी दंगा शामिल हैं।
हिंसा मामले में जांच एजेंसी ने शाहरुख पठान और चार अन्य लोगों को दिल्ली में मौजपुर चौक पर हुई हिंसा भड़काने की साजिश में शामिल पाया है। शाहरुख दिल्ली हिंसा में एक पुलिसकर्मी पर पिस्टल तानते हुए देखा गया था।
पुलिस के मुताबिक मौजपुर चौक दंगा मामले में 24 फरवरी को सुबह 11 बजे दो समूह चौक पर आपस में भिड़ गए। इनमें से एक समूह नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) का समर्थन कर रहा था तो दूसरा समूह इसका विरोध कर रहा था।
शुरू में विरोध शांतिपूर्ण था, लेकिन जल्द ही यह हिंसक हो गया और दोनों ओर से पथराव होने लगा। दोनों पक्षों की ओर से ईंट-पत्थर फेंकने के साथ ही आगजनी, गोलीबारी और तोड़फोड़ की घटनाएं सामने आई। घटना में एक व्यक्ति की मौत भी हो गई। हत्या के मामले में अलग केस दर्ज किया गया है।
इस मामले में शाहरुख पठान समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। जांच में पाया गया कि पठान और एक अन्य मामले में मुख्य आरोपी है। पठान ने सरेआम हेडल कांस्टेबल दीपक दहिया पर बंदूक तान दी थी और कई गोलियां भी चलाई थी।
इसके साथ ही कर्दमपुरी पुलिया मामले में मोहम्मद फुरकान की हत्या, चार लोगों को गोली लगने और 17 पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात है। इलाके में 24 फरवरी को भारी पथराव हुआ था।
जांच में पाया गया कि 23 फरवरी को इलाके में भीड़ ने सीसीटीवी को नुकसान पहुंचाया था। चश्मदीदों के बयान और कुछ वीडियो के आधार पर चार लोगों को गिरफतार किया गया था। पुलिस ने मामले में चारों के खिलाफ चार्जशीट दायर की है।
कर्दमपुरी सरकार डिस्पेंसरी मामल में हिंसक भीड़ ने दो पार्किंग में आग लगा दी थी। इसके साथ एक व्यक्ति की चाकू मार कर हत्या कर दी थी। वीडियो सबूतों के आधार पर मामल में चार आरोपियो को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर दी है। अभी मामले में और आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।