फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली हिंसा :हाईकोर्ट ने सरकार सरकार को दिए निर्देश 15 दिनों में करवाए शवों की डीएनए जांच 

Wed, 25 Mar 2020 11:30 PM IST
Mohit Mudgal अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
विज्ञापन
दिल्ली हिंसा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि वह उत्तर पूर्वी जिले में फरवरी माह में हुई हिंसा में मारे गए लोगों के शवों की डीएनए जांच प्रक्रिया को 15 दिनों में पूरा करे। डीएनए जांच के लिए कोर्ट की अनुमति का इंतजार ना किया जाए। हाईकोर्ट ने यह निर्देश हिंसा में मारे गए युवक के पिता की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। याची का बेटा 25 फरवरी को गायब हुआ था और दो दिन बाद उसका जला हुआ शव मिला था।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति नवीन चावला की पीठ ने कहा कि डीएनए जांच के लिए अदालत की पूर्व अनुमति लेने संबंधी कोई कानूनी बाध्यता नहीं है। इसलिए दिल्ली सरकार इसे 15 दिनों में पूरा करे। पेश याचिका दायर कर साजिद अली ने दावा किया कि हिंसा के बाद जो शव बरामद हुए हैं, उनमें से एक उसके बेटे का है। याची ने कहा कि तीन मार्च 2020 को शव और परिवार के लोगों का डीएनए नमूना लिया गया पर जांच का क्या हुआ, अभी तक उसे नहीं बताया गया है। उसने याचिका में कहा कि डीएनए जांच में देरी से उसके लापता बेटे को ढूंढने की प्रक्रिया खतरे में पड़ती दिखाई दे रही है।

वहीं दिल्ली सरकार के वकील नौशाद अहमद खान ने दलील दी कि सरकार डीएनए जांच के बारे में अदालत के आदेश की प्रतीक्षा कर रही है। अदालत के आदेश के बाद ही इस मामले को वरीयता के आधार पर पूरा किया जा सकता है। अदालत ने दिल्ली सरकार के वकील से पूछा कि क्या अदालत की अनुमति के बिना डीएनए जांच नहीं करवाई जा सकती या ऐसा कोई नियम है कि बिना कोर्ट की अनुमति के जांच नहीं करवाई जा सकती। इस पर नौशाद अहमद खान ने माना कि डीएनए जांच से पहले अदालत की अनुमति प्राप्त करने की कोई बाध्यता नहीं है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें