उत्तरपूर्वी जिले में सांप्रदायिक हिंसा के दौरान शाहदरा के जगतपुरी इलाके में भी दंगा हुआ था। इस दंगे का आरोप कांग्रेस नेता और पूर्व पार्षद इशरत जहां उर्फ पिंकी पर लगा है। पुलिस ने पहले उन्हें हिरासत में लिया था। बाद में केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
इसके बाद इशरत को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पेशे से वकील इशरत ने कोर्ट में जमानत अर्जी भी लगाई, लेकिन खारिज हो गई।
पुलिस के मुताबिक, गत 26 फरवरी को जगतपुरी में न केवल पुलिस पर पथराव हुआ बल्कि गोलियां भी चलाई गई थीं। इस संबंध में थाने के एक सब इंस्पेक्टर के बयान पर केस दर्ज हुआ है।
इसमें इशरत के अलावा खालिद, समीर प्रधान खुरेजी, सलीम, शरीफ, विक्रम ठाकुर, अजार उर्फ भूरा, इशाक, हाजी इकबाल, हाशिम, समीर, बिलाल, यामीन कूलर वाला, साबू अंसारी व अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। सभी के खिलाफ दंगे, हत्या के प्रयास समेत विभिन्न संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। इसमें कुछ लोग गिरफ्तार हैं और कुछ की तलाश जारी है।
इशरत जहां ने भीड़ को उकसाया
पुलिस के मुताबिक इशरत जहां ने भीड़ को उकसाते हुए कहा कि हम चाहें मर जाएं, लेकिन हम यहां से नहीं हटेंगे, चाहे पुलिस कुछ भी कर ले हम आजादी लेकर रहेंगे। वहीं आरोपित खालिद ने भीड़ से कहा कि पुलिस पर पथराव करो भीड़ भाग जाएगी। ये बात सुनते ही साबू अंसारी व अन्य ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया।