शहीद रतनलाल को श्रद्धांजलि अर्पित करते उनके चाचा बसंत बारी और अन्य
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दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड अधिकारियों के संगठन 'दिल्ली पुलिस महासंघ' ने उस सड़क का नाम शहीद रतनलाल के नाम पर रखने की मांग की है जिस पर दंगों के दौरान 24 फरवरी को उनकी हत्या कर दी गई थी। संगठन ने कहा है कि वह इसके लिए सभी जरुरी संस्थानों और अधिकारियों-नेताओं, दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार को पत्र भी लिखेगा। दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड अधिकारियों, जवानों और सामान्य लोगों ने रविवार को आईटीओ के शहीदी पार्क में इकट्ठा होकर शहीद रतनलाल को श्रद्धांजलि दी।
दिल्ली पुलिस महासंघ के पदाधिकारी रिटायर्ड एसीपी वेद भूषण ने अमर उजाला से कहा कि हेड कांस्टेबल रतनलाल की शहादत को हमेशा याद रखा जाना चाहिए। ऐसी शहादतें लोगों को यह भरोसा दिलाती हैं कि अगर पुलिस के लोग हैं तो उनकी जिंदगी सुरक्षित है और वे अपनी जान पर खेलकर भी लोगों के जान-माल की सुरक्षा करेंगे। युवा वर्ग ऐसे शहीदों से प्रेरणा पाकर और उन्हें अपना आदर्श मानकर ही ऐसे जोखिम भरे करियर की तरफ आते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के बीच इस शहादत को अमर बनाने के लिए ही संघ ने सड़क का नाम शहीद रतनलाल के नाम पर रखे जाने की मांग की है। साथ ही शहीद पार्क से सटे दूसरे पार्क का नाम शहीद रतनलाल पार्क कर दिया जाना चाहिए।
रतनलाल के चाचा बसंत बारी ने कहा कि उनकी शहादत ने पूरे क्षेत्र को गौरव से भर दिया है। आज उनके गांव का हर बच्चा दिल्ली पुलिस, सेना और वायुसेना में जाना चाहता है और अपने देश के लिए कुछ करना चाहता है। उन्होंने बताया कि यह देखकर उनका परिवार कृतज्ञ है कि इस घड़ी में भी दिल्ली पुलिस, केंद्र और दिल्ली सरकार ने उनका साथ नहीं छोड़ा है और हर तरफ से लोग उनकी मदद के लिए आगे आ रहे हैं।