दिल्ली हिंसा के प्रमुख आरोपी ताहिर हुसैन की पार्षद के रूप में नगर निगम सदस्यता खत्म कर दी गई है। यह फैसला पूर्वी दिल्ली नगर निगम की बुधवार को हुई बैठक में एक प्रस्ताव पास करके लिया गया। ताहिर हुसैन की सदस्यता खत्म करने के लिए निगम की बैठकों में उसके लगातार भाग न लेने को आधार बनाया गया है। इस मामले में पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने एक बयान भी जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि 26 अगस्त को ताहिर हुसैन की सदस्यता रद्द करने का फैसला लिया गया।
भाजपा दिल्ली प्रदेश के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर और कृष्णा नगर से निगम पार्षद संदीप कपूर ने ताहिर हुसैन की सदस्यता को खत्म करने के लिए सबसे पहले आवाज उठाई थी। इन नेताओं ने आरोप लगाया था कि ताहिर हुसैन दिल्ली हिंसा के मुख्य आरोपी हैं। नेताओं ने आरोप लगाया है कि ताहिर हुसैन के कारण पूर्वी दिल्ली में दंगे भड़के थे, जिनके कारण 53 निर्दोष लोगों की जान चली गई।
हालांकि, आम आदमी पार्टी ने यह कहते हुए दिल्ली हिंसा के आरोपी ताहिर हुसैन का बचाव किया था कि उन्हें राजनीतिक कारणों से फंसाया जा रहा है और वे हिंसा में शामिल नहीं थे। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया था कि दिल्ली हिंसा की जांच के दौरान पुलिस एक खास समुदाय के लोगों को निशाना बना रही है। दिल्ली हाईकोर्ट और दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग ने भी दिल्ली पुलिस की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे।