दिल्ली की सबसे व्यस्त सड़क कही जाने वाली आउटर रिंग रोड का शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश साहिब सिंह को कई खामियां नजर आईं। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों संग पहुंचे मंत्री ने तुरंत जिम्मेदार विभागों को मौके पर ही कार्रवाई के निर्देश दिए।
करीब चार घंटे तक मंत्री के नेतृत्व में पीडब्ल्यूडी, दिल्ली जल बोर्ड, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, नगर निगम (एमसीडी) और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी एक ही बस में बैठे और 47 किलोमीटर लंबे आउटर रिंग रोड का निरीक्षण किया।
मंत्री ने कहा कि अभी तक समस्याओं पर चर्चा कागजी मीटिंग रूम में होती रही है, लेकिन यह पहली बार हुआ जब एक ही बस में सभी विभागों के प्रिंसिपल सेक्रेटरी, आयुक्त और पुलिस अधिकारी मौजूद थे। मंत्री ने कहा कि इस पहल का मकसद विभागों की दीवारें तोड़कर टीमवर्क, जवाबदेही सुनिश्चित करना है। निरीक्षण में आउटर रिंग रोड पर कई जगह जाम, टूटी सड़कें, ओपन सीवर, गंदे नाले और अतिक्रमण जैसी समस्याएं सामने आईं।
क्षमता से कई गुना अधिक वाहनों की होती है आवाजाही...
आउटर रिंग रोड छह लेन का है। दिल्ली के उत्तर, पश्चिम और दक्षिण हिस्सों को जोड़ने वाला यह सबसे बड़ा नेटवर्क है। वर्ष 2001 में यहां प्रतिदिन करीब 1.10 लाख वाहन चलते थे। विशेषज्ञों का कहना है कि बीते दो दशकों में यह संख्या कई गुना बढ़ चुकी है।
ट्रैफिक स्टडीज बताती हैं कि पीक ऑवर में आउटर रिंग रोड पर यातायात इसकी डिजाइन क्षमता से तीन गुना तक अधिक पहुंच जाता है। अनुमान के मुताबिक साउथ दिल्ली के सावित्री फ्लाईओवर के पास शाम सात से आठ बजे के बीच 18 हजार से अधिक वाहन गुजरते हैं, जबकि क्षमता महज 5400 वाहनों की है। यही कारण है कि यहां अक्सर लंबे जाम लगते हैं।