सब्जियों का भाव एक बार फिर आसमान छूने लगी। लॉकडाउन में जहां सब्जियों के भाव में कमी थीं वहीं अब अनलॉकडाउन-1 में भाव बढने से आम लोगों की रसोई से हरी सब्जियां गायब होने लगी है। यहां तक कि रोजमर्रा की जरूरत में भी इस्तेमाल होने वाले आलू की कीमत भी दोगुने से अधिक है। वहीं टमाटर और हरी सब्जियां भी काफी महंगी बिक रही है। डीजल-पेट्रोल के भाव बढने से अभी कीमत में कमी होने के आसार भी नहीं दिखाई दे रहा है।
सब्जियों का भाव इन दिनों तेजी के साथ बढ़ रहा है। पेट्रोल व डीजल के मूल्य बढने से सब्जी मंडी में आलू से लेकर दूसरी सब्जियों के दाम डेढ़ से दो गुना तक ज्यादा बढ़ा है। थोक व्यापारियों की माने तो फिलहाल सब्जियों के भाव में कमी आने की उम्मीद नहीं है। रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले आलू की बात करें तो 30-35 रुपया प्रतिकिलो आलू खुदरा बाजार में बिक रहा है। इसी तरह टमाटर भी इनदिनों लाल हो गया है। लॉकडाउन में जहां आजादपुर मंडी में टमाटर का खरीदार नहीं था और टमाटर कूड़ा के समीप फेंकने को व्यापारी मजबूर थे वहीं अब टमाटर 40 रुपया प्रतिकिलो तक बिक रहा है।
सब्जियों के साथ थाली से सलाद भी गायब
सब्जियों के साथ इनदिनों थाली से सलाद भी गायब हो गया है। बरसात के पहले खीरा के भाव में कमी देखने को मिलती है, लेकिन खीरा भी इनदिनों 40-50 रुपया प्रतिकिलो मिल रहा है तो वहीं ककड़ी 60-70 रुपया प्रतिकिलो तो टमाटर 40 रुपया प्रतिकिलो बिक रहा है। प्याज का भाव भी कम होने के बजाए बढ़ता ही जा रहा है। धनिया पत्ता, नींबू व हरी मिर्च भी महंगा है। जबकि कोरोना वायरस की वजह से सलाद नहीं खाने वाले भी इनदिनों इसपर ज्यादा जोर दे रहे है ताकि अपनी इम्युनिटी बढा सके।
महेद्र सनपाल वेजेटेबल ट्रेडर्स एसोसिएशन अध्यक्ष
सब्जियों के भाव में कमी आने की उम्मीद नहीं है। अभी और महंगी होगी सब्जियां। टमाटर का भाव इसलिए चढ़ा है कि लोकल टमाटर खत्म है। अब सिर्फ शिमला का टमाटर आ रहा है। प्याज स्टॉक करने का वक्त आ गया है। नासिक में प्याज को स्टॉक किया जा रहा है इस वजह से मंडी में प्याज की आवक कम है। इसी तरह बाजार स्टॉक वाले ही आलू बचे है। इस वजह से मनमर्जी से आलू के रेट तय किए जा रहा है। पेट्रोल-डीजल के भाव बढने से तो सब्जियों के भाव में बढ़ोत्तरी होना है। आठ रुपये की जगह अब दस रुपया खर्च करना पड़ रहा है।
मांग बढी है तो भाव बढे
आजादपुर मंडी के आलू के व्यापारी संदीप खंडलवाल का कहना है कि अनलॉकडाउन-1 में सब्जियों की मांग भी बढ़ गई है। दरअसल अब छोटे रेस्टोरेंटेट, ढाबा भी खुलने लगा है। इस वजह से सब्जियों की खपत में बढ़ोत्तरी है। आजादपुर मंडी में भ्रष्ट्राचार की वजह से भी खुदरा सब्जी विक्रेताओं को महंगी सब्जियां मिलती है।
सब्जियों का भाव
आलू-30 रुपया प्रतिकलो
प्याज-20-25 रुपया प्रतिकिलो
सहजन-80-100 रुपया प्रतिकिलो
बैगन-40-45 रुपया प्रतिकिलो।
भिंडी-50-60 रुपया प्रतिकिलो।
अदरख- 160-200 रुपया प्रतिकिलो।
नींबू-100-120 रुपया प्रतिकिलो।