दिल्ली विश्वविद्यालय में दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) की आम सभा में शिक्षकों की हड़ताल को आगे बढ़ाने का फैसला हुआ है। एक मार्च तक जारी हड़ताल अब आठ मार्च तक रहेगी। इस तरह से कॉलेजों में एक बार फिर से कक्षाएं बाधित रहेंगी। हालांकि शिक्षक छात्रों की पढ़ाई के नुकसान को अतिरिक्त कक्षाएं लेकर पूरा करेंगे। दूसरी ओर शिक्षकों के एक वर्ग ने हड़ताल को आगे न बढ़ाने की वकालत की।
डूटा की आम सभा आर्ट्स फैकल्टी के गेट नंबर-4 पर हुई। बैठक में डूटा ने इस हड़ताल को जारी रखने का प्रस्ताव रखा। सभी शिक्षकों ने इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास किया और कहा कि जब तक सरकार आरक्षण व रोस्टर पर अध्यादेश नहीं लाती, तब तक शिक्षक अपने आंदोलन को जारी रखेंगे।
डीयू एग्जीक्यूटिव काउंसिल के सदस्य डॉ. राजेश झा ने कहा कि कुलपति शिक्षकों की समस्याओं की अनदेखी कर रहे हैं। शिक्षकों के इस आंदोलन के बावजूद न तो कुलपति बात कर रहे हैं और न ही मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से कोई बात की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यदि 200 प्वाइंट रोस्टर सिस्टम से वापस नहीं होते, तो शिक्षकों का भविष्य खराब होगा। वहीं बहुजन शिक्षकों ने 5 मार्च, 2018 के यूजीसी सर्कुलर का एक साल होने पर विरोध स्वरूप भारत बंद का समर्थन किया है।
डूटा की ओर से 5 मार्च को मंडी हाउस से संसद मार्ग तक आक्रोश रैली निकाली जाएगी। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि विभागवार रोस्टर वापस नहीं लिया जाता, तो देशव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा। वहीं शिक्षकों की आम सभा में पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लगे।