फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

डीयू में शिक्षकों की हड़ताल बढ़ी, अब आठ मार्च तक कक्षाएं रहेंगी बाधित

Sat, 02 Mar 2019 03:36 AM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
शिक्षकों की हड़ताल - फोटो : हिमांशु सोनी
विज्ञापन
दिल्ली विश्वविद्यालय में दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) की आम सभा में शिक्षकों की हड़ताल को आगे बढ़ाने का फैसला हुआ है। एक मार्च तक जारी हड़ताल अब आठ मार्च तक रहेगी। इस तरह से कॉलेजों में एक बार फिर से कक्षाएं बाधित रहेंगी। हालांकि शिक्षक छात्रों की पढ़ाई के नुकसान को अतिरिक्त कक्षाएं लेकर पूरा करेंगे। दूसरी ओर शिक्षकों के एक वर्ग ने हड़ताल को आगे न बढ़ाने की वकालत की।
विज्ञापन


डूटा की आम सभा आर्ट्स फैकल्टी के गेट नंबर-4 पर हुई। बैठक में डूटा ने इस हड़ताल को जारी रखने का प्रस्ताव रखा। सभी शिक्षकों ने इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से पास किया और कहा कि जब तक सरकार आरक्षण व रोस्टर पर अध्यादेश नहीं लाती, तब तक शिक्षक अपने आंदोलन को जारी रखेंगे।

डीयू एग्जीक्यूटिव काउंसिल के सदस्य डॉ. राजेश झा ने कहा कि कुलपति शिक्षकों की समस्याओं की अनदेखी कर रहे हैं। शिक्षकों के इस आंदोलन के बावजूद न तो कुलपति बात कर रहे हैं और न ही मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से कोई बात की जा रही है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि यदि 200 प्वाइंट रोस्टर सिस्टम से वापस नहीं होते, तो शिक्षकों का भविष्य खराब होगा। वहीं बहुजन शिक्षकों ने 5 मार्च, 2018 के यूजीसी सर्कुलर का एक साल होने पर विरोध स्वरूप भारत बंद का समर्थन किया है।

डूटा की ओर से 5 मार्च को मंडी हाउस से संसद मार्ग तक आक्रोश रैली निकाली जाएगी। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि  विभागवार रोस्टर वापस नहीं लिया जाता, तो देशव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा। वहीं शिक्षकों की आम सभा में पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लगे।
विज्ञापन

डीयू में वामपंथी छात्रों का पथराव, पांच गार्ड घायल

दिल्ली विश्वविद्यालय में वामपंथी छात्रों ने बिना सूचना दिए प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने पत्थरबाजी भी की। इस दौरान पांच सुरक्षा गार्ड घायल हो गए, जबकि मुख्य सुरक्षा अधिकारी के हाथ में फ्रैक्चर हो गया।

डीयू के गणित विभाग की ओर से कराए गए मूल्यांकन में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए वामपंथी छात्र प्रदर्शन करने पहुंचे थे। प्रदर्शन के दौरान छात्र हिंसक हो गए और पत्थरबाजी भी की। इस कारण सुरक्षा अधिकारी और गार्ड को चोट लगी। छात्र गणित की उत्तर पुस्तिका के पुनर्मूल्यांकन की मांग कर रहे थे। डीयू के सुरक्षा अधिकारी गजे सिंह ने बताया कि छात्रों ने प्रदर्शन करने की सूचना नहीं दी थी।

छात्रों ने गणित विभाग के प्रमुख को बाहर जाने से रोका और बंधक बनाने की कोशिश की। उन्हें रोकने का प्रयास किया गया तो उन्होंने पथराव किया। बताया जा रहा है कि प्रशासन ने मामले की शिकायत मौरिस नगर थाने में की है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश मंत्री सिद्धार्थ यादव ने हिंसक प्रदर्शन की निंदा करते हुए कहा कि विरोध का तरीका अहिंसक होना चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें