पूर्वोत्तर की छात्राओं पर हॉस्टल खाली करने के लिए दबाव बनाने और नस्लीय टिप्पणी की शिकायत मिलने पर दिल्ली महिला आयोग ने दिल्ली विश्वविद्यालय को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया है। रजिस्ट्रार को भेजे गए नोटिस में शिकायत पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट 15 मई तक देने को कहा गया है।
दिल्ली विश्वविद्यालय के नार्थ इस्टर्न स्टूडेंट हाउस ऑफ वीमेन में रहने वाली पूर्वोत्तर की छात्राओं ने दिल्ली महिला आयोग को एक शिकायत दी है। इसमें कॉलेज प्रशासन द्वारा हॉस्टल खाली करने का दबाव बनाने की बात कही गई है।
छात्राओं का कहना है कि हॉस्टल की मेस में मिलने वाले भोजन से जुड़ी समस्याएं भी आती रही हैं। छात्राओं का यह भी आरोप है कि उनकी इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है, इसके अलावा उन पर नस्लीय टिप्पणी भी की जाती है।
इस पर दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से छात्राओं के पास हॉस्टल में रहने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। नस्लीय टिप्पणी को संगीन मामला बताते हुए डीयू को नोटिस जारी कर तुरंत संज्ञान लेने को कहा है।
महिला आयोग की अध्यक्ष को मिली जान से मारने की धमकी
शुक्रवार को दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल को ट्विटर पर जान से मारने की धमकी मिली थी। आयोग ने मामले में दिल्ली पुलिस की साइबर सेल के पुलिस उपायुक्त को पत्र लिखकर मामले की शिकायत की थी। पुलिस को मामले की जांच और आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की थी। दिल्ली पुलिस साइबर सेल पुलिस उपायुक्त अनीश रॉय को लिखे पत्र में दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा था कि एक आईडी से उन्हें उनके ट्विटर पर कई अभद्र मैसेज किए गए हैं। यहां तक कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। यह धमकी शुभम संदीप नाम के व्यक्ति के ट्विटर हैंडल से दी गई है।