बाद में मामला अपराध शाखा को ट्रांसफर हो गया। एसीपी संदीप लांबा और इंस्पेक्टर नीरज चौधरी की टीम ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान टीम ने आरोपी अनिल जैन उर्फ सतीश कुमार की लोकेशन का पता किया। शनिवार को एक सूचना के बाद सतीश कुमार उर्फ अनिल जैन को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह अपने सहयोगी मुकेश कुमार के साथ मिलकर ठगी की वारदात को अंजाम देता है। सतीश से पूछताछ के बाद पुलिस की टीम ने रोहिणी इलाके से मुकेश कुमार को भी दबोच लिया।
आरोपियों ने बताया कि वह पहले डीडीए फ्लैट किराए पर लेते थे। इसके बाद उसके फर्जी पेपर के आधार पर निजी बैंक से लोन ले लिया जाता था। लोन लेने के बाद आरोपी वहां से फरार हो जाते थे। आरोपियों ने खुलासा किया है कि वह दर्जनों वारदातों में शामिल रहे हैं। पुलिस पूछताछ कर इस बात का पता लगाने का प्रयास कर रही है कि दोनों ने अब तक कुल कितने बैंक से कितनी रकम ठगी।