निवेश के नाम पर 74 लाख रुपये ठगने के मामले की जांच करते हुए पुलिस को पता चला कि गिरोह के तार श्रीलंका और हांगकांग से जुड़े हुए हैं। पुलिस ने जब भरत और राकेश के बैंक खाते की जांच की तो 23 दिन के भीतर इसमें 15 करोड़ के लेनदेन का पता चला। वहीं, अरुण कुमार के मामले में ठगे गए रुपयों में से 35 लाख श्रीलंका और 7 लाख हांगकांग के बैंकों में ट्रांसफर किए गए हैं। अधिकारियों ने आशंका जताई कि भारत में बैठे लोगों की मदद से विदेशी ठग हर माह करोड़ों रुपये ठग रहे हैं।
जांच अधिकारी ने बताया कि भोले-भाले लोगों को जाल में फंसाने के लिए विदेश में बैठे ठग चीन में बने ट्रेडिग एप का इस्तेमाल करते हैं। जाल में फंसाने के बाद आरोपी पीड़ितों को किसी टेलीग्राम एप से जोड़कर उसमें निवेश करने के लिए प्रेरित करते हैं। इसके बाद ट्रेडिग एप के जरिये पीड़ित को निवेश करने पर मोटा मुनाफा दिखाया जाता है।
जैसे ही कोई पीड़ित रकम निवेश करता है तो उसे कई भारतीय खातों में घुमाकर क्रिप्टो करेंसी या बिटकाॅइन में बदलकर विदेशों में ट्रांसफर कर लिया जाता है। फिलहाल, नेपाल, दुबई, चीन, श्रीलंका, हांगकांग, समेत कई देशों में बैठे ठग भारतीय गुर्गाें की मदद से वारदात को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस भरत और राकेश पाल से जुड़े बाकी लोगों की तलाश कर रही है। इनके पास से बरामद बाकी दो अन्यों खातों की भी पड़ताल की जा रही है।