वहां से पुलिस को किसी अन्य को बेचने का पता चला। करीब दर्जन भर लोगों से पूछताछ करने के बाद पुलिस को सचिन के बारे में जानकारी मिली। सचिन ने पूछताछ में बताया कि उसने कार को एक माह पहले अपने दोस्त फरीदाबाद निवासी अमनदीप को बेचा है।
अमनदीप की फोन डिटेल और लोकेशन की जांच करने पर पता चला कि घटना वाले दिन वह घटनास्थल पर मौजूद था। उसके बाद पुलिस ने अमनदीप की तलाश शुरू की। उसके फरीदाबाद स्थित घर पर दबिश के दौरान वह नहीं मिला, लेकिन पुलिस को वहां से उसके ससुराल का पता चला।
21 अगस्त की रात सदरपुर सेक्टर 45 नोएडा से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि यातायात पुलिसकर्मी के कार रोके जाने से वह गुस्से में आ गया और घटना को अंजाम दिया था।