कई सड़कों पर यातायात प्रतिबंधित
विपक्षी दलों द्वारा कथित वोट चोरी के विरोध में यह रैली आयोजित की गई थी। इसमें बड़ी संख्या में प्रतिभागी शामिल हुए। इससे क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही काफी बढ़ गई। कई सड़कों पर यातायात प्रतिबंध भी लगाए गए थे।
पुलिस ने की थी ये अपील
दिल्ली यातायात पुलिस ने रैली से पहले एक विस्तृत परामर्श जारी किया था। इस परामर्श में यातायात मोड़, प्रतिबंध और वैकल्पिक मार्गों की घोषणा की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य यात्रियों को होने वाली असुविधा को कम करना था। यह परामर्श विशेष रूप से रामलीला मैदान और आसपास के क्षेत्रों की ओर यात्रा करने वालों के लिए था। पुलिस ने लोगों से इन निर्देशों का पालन करने की अपील की थी।
यातायात की स्थिति
इन व्यवस्थाओं के बावजूद, रविवार शाम को कई व्यस्त मार्गों और चौराहों पर भारी यातायात देखा गया। विशेष रूप से आईटीओ पर वाहन चालकों को काफी असुविधा हुई। यातायात जाम के कारण वाहनों की गति बहुत धीमी हो गई थी। पुलिस कर्मी प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर तैनात थे। उनका कार्य वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित करना और यात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाना था।
रैली का प्रभाव
रैली में बड़ी संख्या में लोगों के आने से सड़कों पर दबाव बढ़ गया। इससे सामान्य यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने यात्रियों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की थी। हालांकि, कई लोग जाम में फंसे रहे।