प्रॉपर्टी के फर्जी दस्तावेज के सहारे लोन हासिल कर फाइनेंस कंपनी का 23 करोड़ रुपये का गबन करने के आरोप में तीन और कर्मियों को गिरफ्तार किया गया है। आर्थिक अपराध शाखा ने बृहस्पतिवार को पुणे से आरोपी अमृत, उसकी पत्नी और अमित बरतारिया को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले 5 सितंबर को कंपनी के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया था।
ज्वाइंट सीपी डॉ. ओपी मिश्रा के मुताबिक, एनबीएफसी हिंदुजा लेलैंड फाइनेंस लिमिटेड ने 2019 में शिकायत दी कि उनकी कंपनी के रीजनल मैनेजर नीतेश कुमार, सेल्स मैनेजर निलांजन मजूमदार और डायरेक्ट सेलिंग एजेंट अमृत मान का काम जरूरतमंद लोगों को प्रॉपर्टी के बदले लोन देना था। लेकिन आरोपियों ने कर्ज देने में गड़बड़ी की। कंपनी की ओर से लोन लेने वालों की जांच कराई गई। जिसमें खुलासा हुआ कि कर्ज लेने वालों के पते और दस्तावेज फर्जी थे।
ईओडब्ल्यू की तफ्तीश में सामने आया कि आरोपियों ने प्रॉपर्टी के फर्जी दस्तावेज बनाए, जिसके आधार पर कंपनी से लोन पास करा लिया। जांच में एनबीएफसी के अफसर भी इस जालसाजी में शामिल पाए गए। इन अफसरों ने जानबूझकर दस्तावेजों और आवेदकों की जांच नहीं की।