दिल्ली की सभी जेलों में खुफिया सेल बनेगी, जो जेलों के अंदर चल रहीं संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मुख्यालय में तैनात खुफिया विभाग के अधिकारियों को देगी। यह जेलों में बंद कैदियों पर ही नहीं, बल्कि संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त जेल के अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी निगरानी रखेगी। गुप्त जानकारी पर मुख्यालय में तैनात अधिकारी ऐसे कैदियों, अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई करेंगे।
दिल्ली की तिहाड़ जेल में खुफिया सेल की शुरुआत की जा रही है। इसका नेतृत्व जेल अधीक्षक स्तर के अधिकारी करेंगे। साथ ही इस टीम ने उप अधीक्षक, सहायक अधीक्षक, तीन-चार हेड वार्डर और 6 वार्डर शामिल होंगे। इसके अलावा हर जेल की गुप्त सूचना के लिए कैदियों और कर्मचारियों को इस खुफिया सेल से जोड़ा जा रहा है, जो जेल में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी देने के लिए मुखबिर का काम करेंगे।
जेल के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि जेल में इस टीम के साथ काम करने वालों की जानकारी गुप्त रखी जाएगी। अधिकारी का कहना है कि टीम जेल के अंदर हथियारों, नशीले पदार्थों और मोबाइल फोन की आपूर्ति के बारे में गुप्त रूप से जानकारी एकत्र करेगी। फिलहाल टीम ने ट्रायल के तौर पर काम करना शुरू कर दिया है। इसकी अहम बात यह है कि टीम में कौन लोग शामिल हैं, इस बात की जानकारी किसी भी जेल में कार्यरत कर्मचारी को नहीं होगी।
जेल के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि जेल में अक्सर छापे के दौरान नशीले पदार्थ, हथियार और मोबाइल फोन मिलते हैं। प्रतिबंधित सामान जेल के भीतर कैदियों तक कैसे पहुंचता है, इसकी जांच में एक बात सामने आई कि इसमें जेल के कर्मचारी भी शामिल होते हैं। ऐसे में जेल अधिकारियों की ओर से फैसला लिया गया है कि ऐसे लोगों को चिन्हित करने के लिए जेल का अपना खुफिया विभाग स्थापित किया जाए, जो कैदियों के साथ-साथ ऐसे लोगों की पहचान करे, जो कैदियों को प्रतिबंधित सामान सप्लाई करने में लिप्त है।
हाल में की गई कार्रवाई में प्रतिबंधित चीजें मिली
तिहाड़ जेल अधिकारी ने बताया कि खुफिया विभाग ने जेल में ट्रायल पर काम करना शुरू कर दिया है। जेल में तैनात खुफिया विभाग के मुखबिरों की ओर से लगातार सूचनाएं मिल रही हैं। हर सूचना पर तिहाड़ जेल मुख्यालय से पुष्टि करने के बाद छापा मारा जाता है। हाल की कार्रवाई में चरस, सर्जिकल ब्लेड और तार समेत कई प्रतिबंधित चीजें मिली हैं। हाल में सेल से मिली सूचना के आधार पर एक वकील को कैदी के लिए चरस की तस्करी करने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया।
जेल अधिकारी ने बताया कि जेल में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए सभी जेल में क्यूआरटी टीम तैनात की गई है। इसके अलावा मुख्यालय में 80 सदस्यीय क्यूआरटी टीम गठित की गई है।
प्रतिबंधित सामान की आपूर्ति और जेल में हो रहीं संदिग्ध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए खुफिया विभाग की स्थापना की गई है। अभी शुरुआती दौर में इसके कुछ अच्छे परिणाम सामने आए हैं।
-सतीश गोलचा, जेल महानिदेशक, तिहाड़