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Delhi: नई ईवी नीति में बैटरी कचरे के निपटान पर रहेगा जोर, कैबिनेट में पास कराने के लिए तैयार किया गया मसौदा

Wed, 26 Nov 2025 03:11 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

परिवहन विभाग की ओर से नई ईवी नीति का मसौदा तैयार कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि नई नीति मार्च तक लागू होगी। इससे पहले नई नीति के मसौदे को कैबिनेट में पास किया जाएगा।
 
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विस्तार
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दिल्ली सरकार की नई इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति केवल सड़कों पर ईवी की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि बढ़ते बैटरी कचरे के निपटाने पर भी केंद्रित होगी। इसके लिए पहली बार व्यापक रूपरेखा तैयार की जा रही है। परिवहन विभाग की ओर से नई ईवी नीति का मसौदा तैयार कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि नई नीति मार्च तक लागू होगी। इससे पहले नई नीति के मसौदे को कैबिनेट में पास किया जाएगा।

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अधिकारियों ने बताया कि मौजूदा नीति में बैटरी रीसाइक्लिंग और लिथियम-आयन बैटरियों के वैज्ञानिक निपटान को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं हैं जबकि एक ईवी की बैटरी औसत आठ साल चलती है। इसके बाद यह कचरे में बदल जाती है। इसमें जहरीले तत्व होते हैं। यही वजह है कि नई नीति बैटरी के दोबारा इस्तेमाल और निपटान के लिए पूरी ढांचा-व्यवस्था तैयार करेगी।

सरकार की योजना है कि दिल्ली में बैटरी रीसाइक्लिंग को एक संगठित उद्योग का रूप दिया जाए जहां निजी कंपनियों, नगर निगम, शोध संस्थानों और चार्जिंग स्टेशन संचालकों की भूमिका तय हो। परिवहन विभाग ने 2030 तक 5,000 सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन लगाने का लक्ष्य रखा है। नए मसौदे में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि चार्जिंग स्टेशनों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ यह भी सुनिश्चित किया जाए कि वे काम करते हों, सुलभ हों और सुरक्षित हों। 

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