राजधानी में वर्षों से पेयजल की मांग एवं आपूर्ति के मध्य अंतर कम नहीं हो रहा है, जबकि कई नए जल शोधक संयंत्र लगाए जा चुके हैं। इसके अलावा वेस्ट पानी को भी साफ करने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। इसके बावजूद लोगों को पर्याप्त पेयजल नहीं मिल रहा है। हाल ही में गर्मी बढ़ने के दौरान पेयजल के मामले में हालात बद से बदतर हो गए। अनेक इलाकों में पेयजल संकट पैदा हो गया, जबकि कुछ इलाकों में गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। राजधानी में प्रतिदिन पेयजल की मांग एवं आपूर्ति में करीब दो सौ एमजीडी का अंतर है।
राजधानी निवासियों को पेयजल मुहैया कराने के लिए दिल्ली जल बोर्ड प्रतिदिन अपने तमाम स्रोत से करीब 940 एमजीडी पानी की आपूर्ति करता है, जबकि राजधानी में प्रतिदिन 1140 एमजीडी पानी की मांग है। इस तरह राजधानी में मांग की तुलना में करीब 18 प्रतिशत कम पानी की आपूर्ति हो रही है। इस कारण अनेक इलाकों में लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ता है।
राजधानी में पिछले कुछ दिनों के दौरान गर्मी बढ़ने पर पेयजल संकट से राहत पाने के लिए लोग दिल्ली जल बोर्ड को ट्वीट कर रहे है। लोग जल बोर्ड को ट्वीट करके जहांगीपुरी में दो सप्ताह, द्वारका सेक्टर-तीन में दिल्ली सरकार के कर्मचारी आवासीय पसिहर में कई दिन, इंद्रपुरी इलाके में भी पानी की समस्या होने के बारे में जल बोर्ड को अवगत कराया गया है। महावीर विहार एवं विजय एंक्लेव में पानी संकट की ओर ध्यान आकर्षित कराया है। इसी तरह रोहिणी सेक्टर-11 में पानी नहीं आने के बारे में शिकायत की है। रोहताश नगर इलाके में पानी नहीं आने पर चिंता जताई है।
राजधानी में प्रतिवर्ष खासकर गर्मी के मौसम में कई इलाकों में पेयजल संकट पैदा होता है। इस बार भी कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति नहीं होने के कारण उपराज्यपाल एवं दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष कई बार दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों को तलब कर चुके है। दरअसल राजधानी में पानी की मांग एवं आपूर्ति के बीच करीब तीन दशक से अंतर है।
नौ संयंत्रों से की जाती है पेयजल आपूर्ति
नई दिल्ली। राजधानी में पेयजल आपूर्ति करने के लिए दिल्ली जल बोर्ड ने नौ जल शोधक संयंत्र लगा रखे है। इसके अलावा इनमें से चार संयंत्रों में वेस्ट पानी को साफ करने के अलग से संयंत्र लगाए गए है। नौ जल शोधक संयंत्रों में से चार जल शोधक संयंत्र और वेस्ट पानी को साफ करने वाले चारों जल शोधक संयंत्र गत दो दशक के दौरान लगाए गए है। इससे पहले पूरी दिल्ली में पांच जल शोधक संयंत्रों से ही पानी की आपूर्ति की जाती थी। इस दौरान राजधानी के अधिकतर इलाकों में पेयजल को लेकर हा-हाकर मचा रहता था। इतना ही नहीं, पेयजल संकट से गुस्साएं लोग आए दिन जल बोर्ड के कार्यालयों पर धरना-प्रदर्शन करते थे। कई बार तो लोग जल बोर्ड कार्यालयों में तोड़फोड़ करने के साथ-साथ अधिकारियों के साथ मारपीट भी कर देते थे।
पानी का शोघन करने की क्षमता का ब्यौरा
संयंत्र शोधन की क्षमता
हैदरपुर 220 एमजीडी
सोनिया विहार 144 एमजीडी
वजीराबाद 124 एमजीडी
भगीरथी 100 एमजीडी
चंद्रावल 98 एमजीडी
द्वारका 50 एमजीडी
नांगलाई 40 एमजीडी
ओखला 20 एमजीडी
बवाना 20 एमजीडी
कुल 816 एमजीडी
वेस्ट पानी को साफ करने का ब्यौरा
संयंत्र शोधन की क्षमता
हैदरपुर 16 एमजीडी
वजीराबाद 11 एमजीडी
भगीरथी 10 एमजीडी
चंद्रावल 08 एमजीडी
कुल 45 एमजीडी
नोट : रैनीवेल एवं ट्यूबेवलों से 90 एमजीडी पानी की आपूर्ति की जाती है।