राजधानी के फ्लाईओवरों की जल्द ही दशा सुधरेगी। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की ओर से गठित की गईं पांच टीमों ने 102 फ्लाईओवरों का सर्वे किया है। दो दिनों तक चले सर्वे की रिपोर्ट बृहस्पतिवार को मुख्य अभियंता फ्लाईओवर को सौंप दी गई है। रिपोर्ट के आधार पर मरम्मत का कार्य शुरू होगा। इससे वाहन चालकों को काफी राहत मिलेगी।
बीते सप्ताह पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा ने विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। इसमें फ्लाईओवर के मरम्मत आदि संबंधित ब्योरा तैयार करने के लिए कहा गया था। अधिकारियों ने बताया कि विभाग ने पांच तीन सदस्यीय टीमों का गठन किया था, जिसमें एक कार्यकारी अभियंता और दो सहायक अभियंता शामिल रहे। प्रत्येक टीम के पास लगभग 20 फ्लाईओवर थे। रिपोर्ट पर आगे की कार्रवाई के लिए पीडब्ल्यूडी सचिवालय भेजा गया है।
सर्वे के दौरान टीमों ने फ्लाईओवर की स्थिति, सफाई, टाइलिंग, पेंटिंग, लाइटिंग, अतिक्रमण, गड्ढे, मुख्य कैरिजवे या सेंट्रल वर्ज के पुनर्वास आदि से संबंधित रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट फाइनल हो जाने के बाद सभी कामों के लिए जरूरी बजट अनुमान लगाया जाएगा। प्राथमिकता और फंड की उपलब्धता के आधार पर मरम्मत का काम शुरू होगा। दो साल में शाहदरा, लोनी रोड, नांगलोई, चिराग दिल्ली, ओखला, नई दिल्ली में जनक सेतु और पुरानी दिल्ली में पुल मिठाई फ्लाईओवर की मरम्मत होगी।
इनकी तत्काल मरम्मत की दरकार
अधिकारियों के अनुसार, एंड्रयूज गंज, गोकुलपुरी, जखीरा, तिलक नगर, ओल्ड पंजाबी बाग, राजा गार्डन व शादीपुर फ्लाईओवर को तत्काल मरम्मत की दरकार है। यह फ्लाईओवर दिल्ली के सबसे पुराने हैं। इनकी कई साल से मरम्मत नहीं हुई है। आम तौर पर मरम्मत कार्य में फ्लाईओवर की बियरिंग और ऊपरी कंक्रीट परत में बदलाव के साथ एक्सपेंशन जॉइंट को बदला जाता है। तापमान में बदलाव के कारण फ्लाईओवर पर कंक्रीट फैलता और सिकुड़ता है जिससे उसमें दरारें पड़ जाती हैं। मौजूदा समय में सरिता विहार फ्लाईओवर की मरम्मत की जा रही है।