गहरे स्मॉग की वजह से राजधानी दिल्ली में इमरजेंसी की हालत बन गए हैं। शनिवार को राजधानी और एनसीआर में वायु प्रदूषण अब तक के सबसे खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। रविवार को सुबह होते ही प्रदूषण ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। दिल्ली की आवो हवा में प्रदूषण और भी हावी हो गया जिसके नापने में मीटर भी फेल हो गया है। प्रदूषण का स्तर 999 के पार है। अभी तक तो बाहर ही प्रदूषण का कहर बरप रहा था लेकिन अब घर के अंदर भी घुसने लगा है। कल रात 10.40 बजे मीटर फेल हो गया।
पड़ोसी राज्यों के खेतों में पराली जलाए जाने से राजधानी ‘गैस चैंबर’ बन गई है। प्रदूषण के बेकाबू हालात को देखते हुए केंद्रीय पर्यावण मंत्री ने सोमवार को दिल्ली के पड़ोसी राज्यों के पर्यावरण मंत्रियों की बैठक बुलाई है ताकि पराली जलाने पर नियंत्रण किया जा सके।
शनिवार को दिल्ली, नोएडा, फरीदाबाद और गाजियाबाद में दिन भर स्मॉग की चादर पसरी रही और लोगों ने सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन की शिकायत की। राजधानी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर कई जगहों पर सामान्य से 17 गुना हो गया। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री अनिल दवे ने कहा कि दिल्ली में इमरजेंसी की हालत है। हालात बेहद खराब है, खास कर बच्चों, मरीजों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए। हमें इस स्थिति से निपटने के लिए तुरंत कदम उठाने होंगे।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक, पूरे देश में फरीदाबाद के बाद दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स पांच सौ के करीब पहुंच गया तो सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फॉरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) का पैमाना 500 (+) के कांटे पर पहुंचकर गंभीर स्थिति बताकर रुका हुआ है।
दिल्ली, गुड़गांव और आगरा में वायु प्रदूषण सबसे खतरनाक स्थिति में
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यही स्थिति गुरुग्राम और आगरा की रही। यहां का एयर क्वालिटी इंडेक्स 419 व 404 रहा। तीन नवंबर को सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरनमेंट (सीएसई) ने दावा किया था कि पिछले 17 सालों में पहली बार दिल्ली इतनी बुरी तरह स्मॉग की चपेट में हैं। इस तरह से पिछले 17 साल का वायु प्रदूषण का रिकॉर्ड तो टूटा ही, लेकिन यह रिकॉर्ड इससे ज्यादा वर्षों का टूटा या नहीं, इसको लेकर पर्यावरण से जुड़े संस्थानों ने कोई दावा नहीं किया है।
प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए उपराज्यपाल ने जहां आपात बैठक बुलाई है वहीं मुख्यमंत्री केजरीवाल ने केंद्रीय पर्यावरण मंत्री से मुलाकात की। मुख्यमंत्री का दावा है कि दिल्ली का प्रदूषण पड़ोसी राज्यों की वजह से है लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि हम कुछ नहीं करेंगे। एनडीएमसी के करीब 1500 से अधिक स्कूलों में शनिवार को छुट्टी रही, जबकि सरकारी स्कूलों में उपस्थिति कम रही।
दिल्ली गैस चैंबर : केजरीवाल
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बेहद खतरनाक स्तर तक पहुंच चुके स्मॉग को कम करने के लिए केंद्र के हस्तक्षेप की मांग की है और कहा है कि राजधानी लगभग ‘गैस चैंबर’ में तब्दील हो चुकी है। उन्होंने कहा कि ऑड-इवन जैसी स्कीम दिल्ली के प्रदूषण को कम नहीं कर सकेगी क्योंकि पड़ोसी राज्यों के खेतों में जल रही पराली का धुआं दिल्ली को प्रदूषित कर रहा है।
दिल्ली में कल सभी स्कूल कर सकते हैं छुट्टी
निजी स्कूलों की जारी की गई गाइडलाइन के अनुसार दिल्ली में शनिवार को अधिकांश स्कूलों में बच्चे मास्क पहनकर आए, जबकि कुछ ने छुट्टी भी रखी। प्रदूषण के इस स्तर को देखते हुए सरकार सोमवार को स्कूलों में छुट्टी करने का निर्णय ले सकती है।
बेहद खतरनाक हालात
दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति इतनी खराब है कि यह आपके फेफड़ों को जाम कर सकती है। इस वक्त हवा में प्रदूषण फैलाने वाले सूक्ष्म कण (पीएम 2.5) प्रति घन मीटर 700 माइक्रोग्राम के बराबर है। यह सरकार के सामान्य मानक से 12 और डब्ल्यूएचओ के मानक से 70 गुना अधिक है।
सीपीसीपी का एयर क्वालिटी इंडेक्स: कितना बढ़ा
दिल्ली फरीदाबाद गुड़गांव
बृहस्पतिवार 432 427 454
शुक्रवार 372 453 263
शनिवार 485 493 419