सुनने में थोड़ा अजीब लगेगा, लेकिन यह हकीकत है कि दूरदराज इलाकों की तरह राजधानी में रेलगाड़ियां पत्थरबाजों के निशाने पर रहती हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इस वर्ष के शुरुआती 10 माह में रेलगाड़ियों पर हैरतअंगेज तरीके से 363 बार पत्थरबाजी की गई। दिल्ली में फैले रेलवे के जाल की बदौलत रेलगाड़ियां राजधानी के कई इलाकों से गुजरती हैं। शरारती तत्व मौका मिलते ही इनको अपना शिकार बना रहे हैं।
आंकड़ों पर गौर करें तो रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने इस वर्ष पत्थरबाजी के संबंध में 363 मामले दर्ज कर 230 लोगों काे गिरफ्तार किया है। इन हमलों के मामले में कई बार नाबालिगों को भी पकड़ा जाता है, लेकिन बाद में उम्र का फायदा उठा कर कार्रवाई से बच जाते हैं। इन हमलों में दर्जनों लोग घालय भी हुए हैं। लेकिन आरपीएफ के रिकाॅर्ड में इस वर्ष छह लोग घायल हुए हैं।
आरपीएफ के अधिकारियों का कहना है कि चलती ट्रेनों पर पत्थर फेंकने के कई कारण सामने आए हैं। कई मामलों में पटरियों के पास खेल रहे बच्चे गुजरने वाली ट्रेनों पर पत्थर फेंकते हैं। कई मामलों में शराबी और अपराधी भी पत्थर फेंकते हैं।