नई दिल्ली स्टेशन पर शनिवार रात भगदड़ के बाद कई लोग लापता हो गए थे। सोमवार को कुछ परिवार को खुशियों भरी खबर मिली। उनके अपने घर पहुंचे तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा। वहीं कुछ परिवारों को अब भी उनके अपनों की तलाश हैं।
पुलिस अधिकारियों ने ऐसे परिवारों से थोड़ा इंतजार करने के लिए कहा है। नोएडा में रहने वाली मीना देवी सोमवार सुबह घर लौटीं तो परिजनों का खुशी का ठिकाना न रहा। शनिवार को मीना देवी कुछ महिलाओं के साथ कुंभ जा रही थीं।
भगदड़ के दौरान वह लापता हो गई थीं। परिजनों ने तीनों अस्पताल के अलावा पूरे नई दिल्ली एरिया में मीना की तलाश की, लेकिन वह नहीं मिली। इस बीच सोमवार सुबह अचानक वह घर पहुंची तो परिजन खुशी के मारे रोने लगे।
मीना ने बताया कि वह जनरल टिकट लेकर एक ट्रेन से पहले ही कुंभ चली गई थी। भीड़ अधिक होने की वजह से उसका मोबाइल गिर गया। इस बीच प्रयागराज पहुंचकर उसे भगदड़ का पता चला।
सोमवार को वह वापस लौटीं। इसी तरह पहाड़गंज में रहने वाली सुचीता भी रविवार देर रात अपने घर पहुंच गई। बिहार की रहने वाली सुचिता एक माह पूर्व ही इलाज के लिए दिल्ली आई थीं। सुचिता मानसिक रूप से बीमार है।
कुछ पड़ोसी महिलाओं के साथ वह रेलवे स्टेशन पहुंची थी। भगदड़ मची तो वह किसी तरह स्टेशन से बाहर निकलने में कामयाब हो गईं। इसके बाद उसे एक बुजुर्ग ऑटो वाला अपने साथ ले गया। रविवार को उसने परिजनों का पता लगाकर उनको सूचना दी।
घर वाले कर रहे तारा देवी का इंतजार
शादीपुर में रहने वाली तारा देवी का अभी तक कुछ पता नहीं चला है। वह पति गुप्तेश्वर यादव व बच्चों के साथ शादीपुर में रहती हैं। वह जनरल टिकट लेकर परिवार के साथ महाकुंभ जा रही थीं। सीढि़यों तक पति ने उनका हाथ पकड़कर रखा। बाद में भीड़ के सैलाब में वह गुम हो गईं। दो दिन बाद भी उनका पता नहीं चल सका है।