दक्षिणी दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास गिरी छह मंजिला इमारत के मलबे से रविवार को दो महिलाओं समेत छह लोगों के शव निकाले गए। आठ घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। शनिवार शाम हुए हादसे के दूसरे दिन भी बचाव अभियान जारी रहा। अधिकारियों के अनुसार मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका है, इसलिए अभियान जारी रहेगा।
इमारत गिरने के हादसे
एलजी ने हादसे पर जताया दुख
सैदुल्लाजाब इलाके में इमारत गिरने की घटना पर दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उपराज्यपाल ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्य पूरी मुस्तैदी से चलाने के निर्देश दिए और कहा कि अभियान में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए।
उन्होंने घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने तथा प्रभावित परिवारों तक तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने हादसे में जान गंवाने वालों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा-दोषियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
सैदुल्लाजाब में इमारत ढहने के भीषण हादसे के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रविवार को घटनास्थल पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने एनडीआरएफ, दमकल विभाग, दिल्ली पुलिस, जिला प्रशासन और डीडीएमए के अधिकारियों से रेस्क्यू अभियान की जानकारी ली तथा मलबे में किसी के फंसे होने की आशंका को देखते हुए बचाव कार्य पूरी सतर्कता से जारी रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने हादसे की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश भी दिए हैं।
घटनास्थल से लौटने के बाद मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में भर्ती घायलों की स्थिति की जानकारी ली और उनके निशुल्क व समुचित उपचार के निर्देश दिए। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और हरसंभव सहायता का भरोसा दिलाया।
हादसे के संबंध में मेहरौली थाने में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। दक्षिण जिले के जिलाधिकारी की अगुवाई में जांच की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि निर्माण में अनियमितता, सुरक्षा मानकों की अनदेखी या प्रशासनिक लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने सैदुल्लाजाब और आसपास के क्षेत्रों में जर्जर व अवैध इमारतों का तत्काल सर्वे कराने के निर्देश भी दिए। साथ ही लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने बचाव कार्य में जुटी एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि मानव जीवन की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।