-850 विभिन्न श्रेणी के मकानों को पहले चरण में तोड़कर 2408 नई आवासीय इकाइयों का निर्माण होगा।
-इसमें 560 आवास टाइप-2, 1260 टाइप-3 व 588 टाइप-3 के होंगे।
-दो चरणों की योजना पर खर्च होंगे 3999 करोड़ रुपये।
-42 टॉवर में बनने वाली इमारतें होंगी 19-26 मंजिला।
-बेसमेंट सहित तीन मंजिल पर होगी पार्किंग।
-वर्षा जल संचयन, पर्यावरण संरक्षण के अलावा पेड़ों को काटने से करेंगे परहेज।
-पानी की बर्बादी रोकने के लिए ड्यूल पाइप सिस्टम रहेगा मकानों में।
-800 केवी बिजली की खपत पूरा करने में सौर ऊर्जा का सहारा।
-रिहायशी क्षेत्र में करीब पचास फीसदी भूमि को हरित क्षेत्र के लिए रखा जाएगा।
-पेड़ों को कटाई से बचाने के लिए बेसमेंट का साइज भी छोटा किया जाएगा।