शाहीन बाग में मौजूद प्रदर्शनकारी महिलाएं
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नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विरोध में जामिया और शाहीन बाग में चल रहे प्रदर्शन के मद्देनजर पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। खुद स्पेशल सीपी लॉ एंड ऑर्डर आरएस कृष्णैया समेत तीन स्पेशल सीपी दिनभर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए इलाके में डटे रहे। आसमान से नजर रखने के लिए ड्रोन उड़ाया गया।
वीडियोग्राफी और फेस रिकग्निशन (चेहरा पहचानने की तकनीक) के जरिये भी पुलिस की संदिग्धों पर नजर रही। पुलिस के अलावा आरएएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ और एसएसबी की 31 कंपनियों को शाहीन बाग और जामिया के चप्पे-चप्पे पर तैनात किया गया था। राहत की बात यह रही कहीं से कोई गड़बड़ी की सूचना नहीं आई।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि शाहीन बाग और जामिया में चुनाव कराना बेहद कठित था। देश ही नहीं, दुनिया की निगाहें इसी इलाके पर जमी हुई है। ऐसे में पुलिस की ओर से भी सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। पिछले दिनों शाहीन बाग और जामिया में गोली चलने की वारदात के बाद से ही इलाके को लगभग सील कर दिया गया था। जगह-जगह बैरिकेड लगाकर जांच की जा रही थी।
शनिवार को भी ओखला की ओर यमुना में पुलिसकर्मी गश्त करते रहे। मतदान केंद्रों में सुरक्षा की दृष्टि से किसी को भी मोबाइल व अन्य सामान ले जाने की इजाजत नहीं थी। दिल्ली पुलिस की ओर से चुनावों के नोडल अधिकारी व पुलिस उपायुक्त शरत कुमार सिन्हा ने बताया कि शाहीन बाग और जामिया में किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी की सूचना नहीं है। शांतिपूर्ण मतदान हुआ।