संजय झील में मंगलवार तीन युवकों की डूबने से मौत के अगले दिन भी झील में सुरक्षा व्यवस्था में कोई बदलाव नजर नहीं आया। बुधवार को काे झील के प्रवेश द्वार पर सिर्फ एक गार्ड तैनात मिला। झील के आसपास लोगों को पानी में जाने या खतरनाक जगहों पर घूमने से रोकने-टोकने वाला कोई नहीं दिखा।
डूबने की घटना के बावजूद झील में किसी तरह के लाइफ सेविंग उपकरण, लाइफ गार्ड या बचाव दल की व्यवस्था भी दिखाई नहीं दी। झील के आसपास बड़ी संख्या में लोग शराब और बीयर पीते तथा गांजा का नशा करते नजर आए। कुछ लोग नशे की हालत में झील की बाउंड्रीवॉल पर चलते भी दिखे। इनको रोकने वाला कोई नहीं था।
प्रवेश द्वार पर मौजूद गार्ड ने बताया कि नशा से रोकने पर लोग अभगद्रता और धमकी देने लगते हैं। उनके मुताबिक, कई लोग झील के बाहर बने शराब के ठेकों से शराब और बीयर खरीदकर अंदर आ जाते हैं। एक स्थानीय निवासी ने पहचान गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि त्रिलोकपुरी, कल्याणपुरी और आसपास के इलाकों से लोग यहां नियमित रूप से नशा करने आते हैं।
बुधवार को कुछ स्कूली बच्चे भी स्कूल की छुट्टी के बाद झील में मस्ती करने पहुंचे, जिन्हें समझाकर घर भेजा गया। गार्ड बोला, रोकने पर देते हैं धमकी : झील के प्रवेश द्वार पर तैनात गार्ड ने बताया कि परिसर में नशा करने वालों को रोकना आसान नहीं है। रोकने या टोकने पर कई लोग गाली-गलौज करने के साथ धमकी देने लगते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस का भी इन लोगों में कोई खौफ नजर नहीं आता।