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Delhi : सुरक्षा एजेंसियां और सरकार सतर्क, डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द; आपदा से निपटने के लिए अस्पताल भी अलर्ट

Sat, 10 May 2025 05:21 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

पुलिस से लेकर डॉक्टरों तक की छुट्टियां रद कर दी गई हैं। जो भी अधिकारी छुट्टी पर हैं उन्हें बुलाने के आदेश दे दिए गए हैं। 
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राजधानी के राजेंद्र प्लेस इलाके में मॉक ड्रिल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए राजधानी में सभी सुरक्षा एजेंसियों के साथ ही सरकार भी अलर्ट मोड पर है। पुलिस से लेकर डॉक्टरों तक की छुट्टियां रद कर दी गई हैं। जो भी अधिकारी छुट्टी पर हैं उन्हें बुलाने के आदेश दे दिए गए हैं। 

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आपात स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने आईटीओ स्थित पीडब्ल्यूडी मुख्यालय पर हवाई हमले से बचने के लिए सायरन का परीक्षण किया। अस्पतालों में एहतियातन आपदा वार्ड को सतर्क कर दिया गया है और सभी प्रकार की जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करा दी गई हैं। 

मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि दिल्ली सरकार आपातकाल के लिए पूरी तरह तैयार है। दिल्ली में सायरन लगाने का काम शुरू हो गया है। अगले 1-2 दिनों में 40-50 सायरन ऊंची इमारतों पर स्थापित कर दिए जाएंगे। इन सायरनों की रेंज 8 किलोमीटर है और इन्हें एक केंद्रीय कमांड सेंटर से नियंत्रित किया जाएगा। आपात स्थिति में ये सायरन 5 मिनट तक बजेंगे। 
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पीडब्ल्यूडी भवन एक ऊंची इमारत होने के कारण यहां सायरन का परीक्षण किया गया। इसका नियंत्रण राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के पास होगा। सायरन के लिए उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्रियों, मुख्य सचिव और दिल्ली पुलिस आयुक्त सहित सभी प्रमुख अधिकारियों को सूचित किया गया है। 

दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सभी जिला पुलिस उपायुक्त ने जिले के व्हाट्सएप ग्रुप में छुट्टी निरस्त करने के आदेश दिए हैं। 

आपदा वार्ड में 10 से लेकर 70 तक बिस्तर आरक्षित किए गए हैं। इन्हें जरूरत के आधार पर बढ़ाया भी जा सकता है। इनका इस्तेमाल आपदा प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए किया जाता है। 

दिल्ली में 26 जनवरी, 15 अगस्त सहित दूसरे बड़े आयोजन, भूंकप सहित दूसरी घटनाओं को देखते हुए लगभग सभी बड़े अस्पतालों में 10 से 70 तक बिस्तर आरक्षित किए गए हैं। इन बिस्तर को अस्पतालों में आपदा प्रबंधन बिस्तर कहते हैं। इन बिस्तर को बनाते समय उपलब्ध जनशक्ति और बुनियादी ढांचे का विशेष ध्यान रखा जाता है। इनमें पर्याप्त कर्मचारियों, संस्थागत संसाधनों और संरचनाओं को नियुक्त किया जाता है। रोजाना इन बिस्तरों की जांच होती है। 

सायरन सुनकर घबराने की जरूरत नहीं 
सेंट्रल दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट जी सुधाकर ने कहा कि यह परीक्षण नियमित तैयारियों का हिस्सा है। उन्होंने लोगों से शांत रहने और सायरन सुनकर घबराने के बजाय इसे सामान्य प्रक्रिया समझने की अपील की। जिला प्रशासन ने सोशल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के जरिए इस परीक्षण के बारे में व्यापक प्रचार करने के निर्देश दिए हैं ताकि लोगों में भ्रम की स्थिति न हो।  

एयर लिफ्ट कर ला सकते हैं मरीज  
सीमावर्ती क्षेत्रों में हो रही गोलाबारी में यदि कोई गंभीर रूप से घायल होता है और उसे एडवांस चिकित्सा सुविधा की जरूरत होती है तो उसे एयरलिफ्ट करके लाया जा सकता है। एम्स ट्रामा सेंटर में ऐसे मरीज आते है। 

आपदा प्रबंधन बिस्तर पर हर सुविधा
लोकनायक अस्पताल में इमरजेंसी विभाग के डॉक्टरों कहना है कि आपदा से निपटने के लिए अस्पताल में 70 बिस्तर की व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि अस्पताल ऐसे किसी भी हादसे में घायल मरीज को हर संभव इलाज देने के लिए बनाया गया है। 

महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर सुरक्षा बढ़ाई गई, की जा रही गश्त  

शुक्रवार को दिल्ली में महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों सहित सरकारी भवनों और अधिक आवाजाही वाले क्षेत्रों में भारी सुरक्षा तैनात कर दी गई है। 

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि सरकारी भवनों, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, अदालतों और विदेशी दूतावासों सहित सभी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा अर्धसैनिक बलों सहित अतिरिक्त बलों के हवाले हैं। एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने बाजार, रेलवे स्टेशन, मॉल, पार्क और मेट्रो स्टेशन सहित अधिक आवाजाही वाले क्षेत्रों में भी चौकसी बढ़ा दी है।

राजधानी में प्रवेश करने वाले सभी वाहनों की जांच की जा रही है। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान वालीं जगहों पर जनरल गश्त की जा रही है। 

16 से एम्स सहित अन्य अस्पतालों में शुरू हो रही थीं छुट्टियां. रद्द
सफदरजंग अस्पताल, एम्स समेत अन्य अस्पतालों ने डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज व सफदरजंग अस्पताल की प्राचार्य गीतिका खन्ना के ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि मौजूदा हालात देखते हुए सभी संकाय की छुट्टियां रद्द कर दी गईं हैं। डॉक्टरों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है। 

सफदरजंग अस्पताल में संकाय (डॉक्टर) की छुट्टियां शुरू हो गई है। अस्पताल का आधा स्टाफ (डॉक्टर) इस दौरान छुट्टियों पर रहता है। एम्स, डॉ. राम मनोहर लोहिया, लेडी हार्डिंग सहित अन्य मेडिकल कॉलेजों से संबंधित अस्पतालों में भी डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द हो सकती हैं। एम्स, आरएमएल में 16 मई से डॉक्टरों की गर्मियों की छुट्टियां शुरू हो रही हैं। एम्स में आदेश के तहत 16 मई से 15 जुलाई तक गर्मी की छुट्टियां दी जानी थीं, लेकिन इन छुट्टियों को बाद में दिया जाएगा। 

मरीजों को मिलेगी राहत 
सफदरजंग, डॉ. राम मनोहर लोहिया सहित अन्य अस्पतालों में डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द होने से मरीजों को राहत मिलेगी। केंद्र सरकार के इन चार बड़े अस्पतालों में प्रति दिन 40 से 50 हजार मरीज ओपीडी में इलाज कराने आते हैं। हजारों की संख्या में रोजाना सर्जरी होती हैं। इन डॉक्टरों के छुट्टियों पर रहने से मरीजों को सर्जरी, ओपीडी, जांच सहित दूसरे चिकित्सा के लिए लंबी तारीख दी जाती है। 
 
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स्कूलों ने एहतियातन वर्चुअल कक्षाएं शुरू कीं

राजधानी के कई निजी स्कूलों ने एहतियातन शुक्रवार से ऑनलाइन कक्षाएं शुरू कर दी हैं। अधिकारियों के अनुसार वसंत कुंज में डीपीएस, पश्चिम विहार में इंद्रप्रस्थ वर्ल्ड स्कूल और मॉडल टाउन में क्वीन मैरी जैसे स्कूलों ने वर्चुअल कक्षाओं का विकल्प चुना। स्कूलों में दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से जारी सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत मॉक ड्रिल भी कराई गई। शिक्षा निदेशालय की ओर से अभी स्कूलों को बंद करने का कोई निर्देश नहीं दिया गया है। ब्यूरो 

आवश्यक सेवाओं के लिए अवकाश पर रोक
नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (एनडीएमसी) ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां अगले आदेश तक रद्द कर दी हैं। आदेश में कहा गया कि किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को अगली सूचना तक छुट्टी नहीं दी जाएगी, चाहे वह अर्जित अवकाश हो या आकस्मिक हो। यह निर्णय आपात स्थितियों से निपटने और आवश्यक सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।

व्यापारी रात में साइनबोर्ड की लाइटें बंद रखें: कपूर
प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने राजधानी के व्यापारियों, होटल मालिकों और विज्ञापन एजेंसियों से अपील की है कि वे रात के समय अपने प्रतिष्ठानों पर जलते साइनबोर्ड को बंद कर दें। कपूर ने कहा कि मौजूदा सुरक्षा हालात को देखते हुए यदि शहर में ब्लैकआउट जैसी स्थिति घोषित होती है तो बंद दुकानों और प्रतिष्ठानों पर लगातार जलते साइनबोर्ड सामाजिक सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं।
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