दो पक्षों में संघर्ष के दौरान गोली लगने से किशोर की मौत के मामले में परिजनों का गुस्सा मंगलवार शाम को फूट पड़ा। परिजनों एवं सैकड़ों कॉलोनी वासियों ने शव को लोनी तिराहे पर रखकर जाम लगा दिया और पुलिस के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारी समझानेे के बाद भी जाम खोलने के लिए तैयार नहीं हुए तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर उन्हें खदेड़ दिया। तब जाकर करीब सवा घंटे बाद दिल्ली सहारनपुर राज्य मार्ग पर यातायात सुचारु हुआ। मृतक के परिजनों ने चार सगे भाइयों के विरुद्ध हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
गौरतलब है कि सोमवार शाम नशबंदी कॉलोनी में मामूली विवाद में दो पक्षों के बीच संघर्ष हुआ था। इस दौरान हुई फायरिंग में ट्यूशन पढ़कर पिता एवं छोटे भाई-बहन के साथ घर लौट रहे अल्वीनगर कॉलोनी निवासी मुबारक 12 वर्ष पुत्र फरमेेश की गोली लगने से मौत हो गई थी।
फरमेश ने सलमान, दीन मोहम्मद, नूर, जान मोहम्मद के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई है। मंगलवार शाम पांच बजे पोस्टमार्टम के बाद मुबारक का शव लोनी पहुंचा तो परिजन एवं कॉलोनी वासी आक्रोशित हो गए। भीड़ ने शव को लोनी तिराहे पर रखकर हाईवे जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की।
परिजनाें का आरोप था कि गोली लगने के बाद मुबारक मौके पर पड़ा तड़फता रहा, लेकिन उसे दम तोड़ने के बाद ही अस्पताल पहुंचाया गया। रात में एक जनप्रतिनिधि के माध्यम से उन पर दो लाख रुपये लेकर मामले को रफादफा करने का दबाव बनाया गया।
मंगलवार को पुलिस ने समय से जीटीबी अस्पताल में एफआईआर की प्रतिलिपि नहीं भेजी, जिसके कारण शव का पोस्टमार्टम दोपहर तीन बजे हुआ। घटना के 24 घंटेे बीत जाने के बाद भी पुलिस ने नामजद हत्यारोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है।
सूचना पर एसपी आरए जगदीश शर्मा, सीओ अरविंद यादव, एसडीएम जयपाल सिंह मौके पर पहुंचे और लोनी, ट्रॉनिका सिटी, बार्डर, साहिबाबाद, लिंकरोड आदि थानों का पुलिस बल बुला लिया गया।
पुुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भीड़ का समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन जब वेे नहीं माने तोे पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितरबितर कर दिया। वहीं, ईशा की नमाज के बाद मुबारक का शव अल्वीनगर के कब्रिस्तान में सपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
आए दिन दंगा करते हैं दबंग
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि कॉलोनी मेें आपराधिक किस्म के कई व्यक्ति रह रहे हैं, जो अवैध धंधों में लिप्त हैं। वह आए दिन सरेआम कॉलोनी में फायरिंग एवं सीधे सादे लोगों के साथ मारपीट करते हैं। दहशत के कारण लोग उनके विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज नहीं कराते है। पुलिस भी इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करती है।
जाम के कारण हुई फजीहत
सवा घंटेे तक दिल्ली-सहारनपुर राज्य मार्ग जाम रहने के कारण लोगों को फजीहत झेलनी पड़ी। हालांकि पुलिस ने खन्नानगर एवं बलरामनगर कॉलोनी के सामने रूट डायवर्ट कर दिया था।
अफवाह से बाजार हुए बंद
लोनी। लोनी तिराहे पर जाम को लेकर क्षेत्र में तरह तरह की अफवाहें फैल गई। अफवाहों के चलते कस्बे का बाजार बंद हो गया और क्षेत्र में दहशत फैल गई। बताया गया कि पुलिस ने जिस समय भीड़ को लाठीचार्ज किया तो लोगों ने भी पथराव किया। इस दौरान जाम में फंसे कुछ वाहनों के शीशे टूट गए। हालांकि पुलिस ने भीड़ द्वारा पथराव करने से इंकार किया है।