मुख्य सचिव से मारपीट के मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने इस घटना के अगले दिन सचिवालय में मंत्री से हुई मारपीट की घटना का जिक्र किया।
अदालत ने कहा कि उस मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की, लेकिन पुलिस कोई जवाब नहीं दे पाई। इस पर अदालत ने टिप्पणी की कि पढ़े-लिखे लोग कभी यहां झगड़ते हैं कभी वहां, यह बहुत अजीब है।
प्रकाश जरवाल की जमानत याचिका पर अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष के तर्क-वितर्क के दौरान अदालत ने अचानक हाल ही में सचिवालय में मंत्री इमरान हुसैन से कथित मारपीट के मामले में पूछा कि उसे मामले की क्या हुआ, अदालत में मौजूद पुलिस के आला अधिकारियों से लेकर करीब दर्जनभर से अधिक पुलिसकर्मी नि:शब्द हो गए।
बचाव पक्ष ने कटाक्ष करते हुए कहा कि पुलिस सिर्फ इस मामले को फोकस कर रही है, बाकी मामले पर पुलिस का ध्यान नहीं।
हालांकि अदालत ने इस दौरान यह भी साफ कर दिया कि बहरहाल अदालत को सचिवालय में मंत्री से मारपीट के मामले से कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन अगर ऐसे प्रतिष्ठित स्थानों पर पढ़े-लिखे लोग ऐसे झगड़ते हैं, यह बहुत अजीब लगता है।