दिल्ली ने एक बार फिर दुनिया में देश का नाम रोशन किया है। इसकी वजह है कि दिल्ली के तीन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को दुनिया के सबसे प्रगतिशील और प्रभावशाली टॉप 100 इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है।
दिल्ली की इन तीन परियोजनाओं में दिल्ली मेट्रो, यमुना एक्सप्रेसवे और इंटरसेप्टर सीवेज सिस्टम का नाम है। हालांकि इनके अलावा देश की अन्य तीन परियोजनाएं भी इस सूची में शामिल हैं।
जिनमें गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी(जीआईएफटी), मुंद्रा अल्ट्रा मेगा पॉवर प्लांट और नर्मदा कैनाल सोलर प्रोजेक्ट हैं। इन सौ इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की सूची इंटरनेशनल अकाउंटिंग फर्म केपीएमजी द्वारा तैयार की गई है।
इसलिए टॉप 100 में शामिल हुए ये नाम
केपीएमजी की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली को आगरा से जोड़ने वाले, छह लेन के 165 किमी. लंबे यमुना एक्सप्रेसवे ने इन शहरों की दूरियों को ऐतिहासिक रूप से कम कर दिया है। इस 1.9 बिलियन वाले प्रोजेक्ट ने निश्चित तौर पर अपना प्रभाव इसके किनारे बसे गांववालों, सैलानियों, व्यापारियों और नौकरी करने वालों पर भी डाला है।
इसी रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2.3 बिलियन डॉलर से भी अधिक निवेश वाला दिल्ली मेट्रो प्रोजेक्ट इस बात का शानदार उदाहरण है कि किस तरह जनहित के कार्यक्रम प्रभावशाली तरीके से चलाए जा सकते हैं।
दिल्ली में लगने वाला 323 मिलियन डॉलर वाला इंटरसेप्टर सीवेज सिस्टम प्रोजेक्ट बहुत ही कारगर है। इसके बनने के बाद सारा रॉ सीवेज यमुना में जाने और उसे प्रदूषित करने से बच जाएगा।
परियोजनाओं को रहता है निवेशकों का इंतजार
केपीएमजी की जारी एक रीलिज में कहा गया है कि सभी परियोजनाओं का आंकलन उनकी व्यवहार्यता, जटिलता, वो कितने बड़े पैमाने पर बने हैं और समाज पर उनका क्या प्रभाव पड़ा इसके आधार पर किया गया है।
केपीएमजी के चेयरमैन जेम्स स्टीवार्ट ने बताया कि हर देश की यह कोशिश होती है कि वह परियोजनाओं को विकसित करे और फंड उपलब्ध कराए। हालांकि सभी देशों को ऐसा करने के लिए कई सारी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जिसमें इन परियोजनाओं के लिए निवेश को आकर्षित करना सबसे बड़ा मुद्दा होता है।